ऐसे में कैसे दुगनी होगी किसानों की कमाई

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जमशेदपुर, 12 जून : झारखंड में चाहे भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकार हो या मौजूदा झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार। सभी ने किसानों की कमाई दोगुनी करने का अभियान चला रखा है। इसके लिए सरकार ने किसानों को सभी सुविधाएं देने की योजनाएं बनाई हैं तथा उन्हें लागू भी कर दिया है। परंतु आश्चर्यजनक बात यह है कि अब तक किसानों की 1 साल पुरानी बकाया रकम का भुगतान नहीं किया गया है। वैसी स्थिति में किसान इस मौसम की फसल उगाने के लिए रुपए कहां से लाएंगे? जाहिर है, उन्हें महाजनों साहूकारों से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेना होगा, फिर कर्ज चुकाने में उनकी कमाई का ज्यादा हिस्सा खत्म हो जाएगा। किसान इस चिंता में हैं कि इस हालत में उनकी कमाई दुगनी कैसी होगी। मालूम हो पिछले मौसम में झारखंड के अधिकतर किसानों की फसलें ओलावृष्टि और साइक्लोन के चलते नष्ट हो गई थीं। सरकार ने उन्हें फसल के नुकसान का मुआवजा देने का ऐलान किया था। परंतु अब तक पलामू और सिमडेगा जिलों को छोड़कर झारखंड के किसी भी जिले के किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया। इसका कारण झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने बताया कि ओलावृष्टि और साइक्लोन से नष्ट फसलों के नुकसान का आकलन सभी जिलों ने कर लिया था और इसकी रिपोर्ट भी राज्य सरकार को दे दी गई थी। परंतु नियमानुसार आकलन के साथ-साथ अधियाचना भी भेजी जानी चाहिए थी। इसके बाद ही किसानों को मुआवजा दिया जा सकता है। सिर्फ पलामू और सिमडेगा जिले से नुकसान के आकलन के साथ-साथ अधियाचना भेजी गई। जिसके कारण उन दो जिलों को मुआवजे की रकम भेज दी गई है। झारखंड के अन्य जिलों के अधियाचना नहीं भेजी गई। इस कारण सरकार को यह नहीं पता चला कि नुकसान कितना हुआ। जिसके कारण मुआवजा राशि तय नहीं की जा सकी। अगर कृषि विभाग के  अधिकारी और कर्मचारी इसी तरह लापरवाही से काम कर किसानों के मुआवजे की रकम साल-साल भर लटकाए रहेंगे  तो किसानों की कमाई दुगनी होगी इसकी उम्मीद कम है।

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