चीनी हिंसक भिड़ंत का जवाब देने में पूर्वी सिंहभूम का जवान भी पीछे नहीं

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जमशेदपुर, 17 जून : चीनी जवानों की हिंसक भिड़ंत का जवाब देने में हमारा पूर्वी सिंहभूम जिला भी पीछे नहीं रहा। पूर्वी सिंहभूम जिला के बहरागोड़ा प्रखंड के बांसदा निवासी गणेश हांसदा ने भी चीनियों को ईंट का जवाब पत्थर से दिया। इस दौरान गणेश हांसदा शहीद हो गये। ऐसे वीर सपूत को जन्म देने वाले पिता सुबदा हांसदा व माता कापरा हांसदा को पूर्वी सिंहभूम जिला के लोगों ने सेल्यूट किया। शहीद जवान सिर्फ 21 साल के थे। जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल के नेता और सरकारी पदाधिकारी शहीद जवान के गांव पहुंचे तथा उनके परिवार को सांत्वना दी। गांव के लोगों ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है यह गांव का बेटा अब नहीं रहा परंतु उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनके गांव का बेटा अपने देश के लिए शहीद हुआ। जिसके कारण इस गांव का नाम और उसके माता-पिता का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। बताते हैं कि शहीद जवान गणेश हांसदा 2018 सितंबर को सेना में शामिल हुआ था। उसकी ट्रेनिंग पटना के दानापुर में हुई। उसकी पहली पोस्टिंग लद्दाख थी। वह 10 दिसंबर 2019 को छुट्टी में घर आया था और 27 जनवरी 2020 को लद्दाख में ड्यूटी पर चला गया। दसवीं की परीक्षा उसने प्रथम श्रेणी में पास की थी। इंटर की पढ़ाई उसमें लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज करनडीह में की। शहीद जवान के बड़े भाई दिनेश हांसदा ने कहा कि अगर उसे मौका मिले तो वह भी सेना में भर्ती होकर चीनी सैनिकों से अपने भाई का बदला जरूर लेगा। उसने कहा कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति का एकमात्र सहारा उसका सैनिक भाई गणेशा हांसदा ही था।

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