टाटा मोटर्स गेट पर प्रदर्शन के मामले में पीड़िता और नेताओं का बयान दर्ज

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जमशेदपुर, 15 जून : टाटा मोटर्स मुख्य गेट पर 9 जून को कंपनी के बाईसिक्स कर्मचारी की विधवा नीतू सिंह के समर्थन में किन्नरों द्वारा प्रदर्शन करने के मामले में मैनेजमेंट द्वारा अभियुक्त बनाए गए नेताओं से टेल्को थाने में आज पूछताछ हुई। इस प्रकरण में मृत बाईसिक्स कर्मी आलोक रंजन की विधवा नीतू सिंह, आजसू जिला प्रवक्ता अप्पु तिवारी, भाजपा महानगर प्रवक्ता अंकित आनंद, टेल्को यूनियन के मज़दूर नेता हर्षवर्धन सिंह समेत अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ है। मैजिस्ट्रेट जगदीश हाज़रा के बयान पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, उपद्रव करने और लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोपों में टेल्को थाना में इनके खिलाफ एफआईआर संख्या दर्ज़ है।  जाँच अधिकारी रुमिला एक्का ने इनका बयान दर्ज़ किया। सबने मैजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत कहा। सबने कहा कि विधवा नीतू सिंह की आवाज़ को दबाने के लिए दंडाधिकारी जगदीश हाज़रा, टेल्को थाना प्रभारी अखिलेश मंडल और टाटा मोटर्स प्रबंधन के बड़े अफसरों और यूनियन के नेताओं के षड्यंत्रों के तहत उनको फँसाया जा रहा है। 
आरजू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने कहा कि बहन नीतू ने अपने साथ हुए ज्यादती और मारपीट की सूचना देकर सहयोग मांगा। वे मौके पर पहुंचे और देखा कि उनके साथ पुलिस की मौजूदगी में दुर्व्यवहार हो रहा है। फ़िर थोड़ी ही देर में नीतू सिंह और किन्नरों के साथ टाटा मोटर्स के सुरक्षा अफसरों और गुंडा पार्टी ने लज्जा भंग करने की मंशा से दुर्व्यवहार और मारपीट की। वे किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं थे बल्कि नीतू सिंह को बचाने के क्रम में उनसे टाटा मोटर्स के कई बड़े अफसरों ने मारपीट कर रुपये छीने जिसकी आजतक प्राथमिकी दर्ज़ नहीं हुई। नीतू के समर्थन में आने की वजह से षड्यंत्र के तहत मुझे गलत आरोपों में फँसाया गया है। मैनें केवल अभियुक्त कंपनी अफसरों का अहंकार तोड़ा है क़ानून नहीं।बाईसिक्स कर्मी आलोक रंजन की विधवा नीतू सिंह ने कहा कि टेल्को थाना प्रभारी और मैजिस्ट्रेट ने टाटा मोटर्स मैनजमेंट के इशारों पर झूठा केस किये है ताकि परसुडीह थाना कांड के अभियुक्तों को बचाया जा सके। उनकी शिकायत पर आजतक दोषियों को नोटिस तक नहीं हुआ। परसुडीह और टेल्को थाना की कार्यसंस्कृति से परेशान होकर मैं अनशन पर बैठने के लिए बाध्य हुई। अनशन की लिखित सूचना जिला प्रशासन को दी गई थी। जिसपर किसी तरह की रोक नहीं लगाया गया था। पुलिस के सामने मेरे साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार और मारपीट हुई। टेल्को पुलिस मूकदर्शक बनी रही। 
भाजपा के जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने कहा कि टेल्को थाना प्रभारी अखिलेश मंडल और टाटा मोटर्स के चंद अफ़सर षड्यंत्र पूर्वक पुरानी रंजिश निकाल रहे हैं। टेल्को थाना प्रभारी पर लापरवाही और कर्तव्यहीनता के कई मामलों में जाँच चल रही है, इसलिए मुझपर बदले की कार्रवाई की जा रही है। न तो वे नीतू सिंह से कभी मिले हैं और न ही इस प्रकरण में उनकी कोई भूमिका है। एक विधवा के साथ हो रही ज्यादती पर मेरी सहानुभूति नीतू सिंह के साथ है, उन्हें न्याय मिलनी चाहिए। टाटा मोटर्स सुरक्षाकर्मियों द्वारा नीतू सिंह, किन्नरों और अप्पु तिवारी के साथ की गई अभद्रता और मारपीट के वे प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं। वे हमलावरों को नाम और चेहरे से पहचानते हैं। 

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