माफिया के साथ दारू पीने वाले क्राइम रिपोर्टरों पर भी पुलिस की नजर

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जमशेदपुर,  8 जून : अगर संगठित गिरोह के अपराध को खत्म करना है तो उनको सहयोग करने वाले विभिन्न तबके के लोगों को कानून के चंगुल में लेना होगा। इसी दिशा पर जमशेदपुर के नए एसएसपी तमिल वाणन काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने उन सफेदपोश लोगों की सूची बना रखी है जो अखिलेश सिंह गिरोह और उनके विरोधी परमजीत गिरोह के लोगों को खुलकर या पीठ पीछे से मदद पहुंचाते हैं। इनमें राजनीतिक नेता हैं, व्यापारी हैं, स्क्रैप डीलर हैं, डॉक्टर हैं और पत्रकार भी हैं। राजनीतिक नेता इन अपराधियों के गिरफ्तार होने पर पैरवी लगाते हैं। व्यापारी रुपए खर्च करते हैं। स्क्रैप डीलर बाजार से रंगदारी वसूली कर गिरोह के सरदार को पहुंचाते हैं। डॉक्टर गिरोह के लोगों के घायल होने पर बिना पुलिस को सूचित किये उनका इलाज करते हैं तथा पत्रकार अपराधिक गिरोह के लोगों की इमेज बनाते हैं। कभी-कभी पत्रकारिता की आड़ में अपराधी गिरोह के लोगों को पुलिस से बचाकर मदद भी पहुंचाते हैं।

पूर्व में भी अपराधिक गिरोह के लोगों को मदद पहुंचाने वाले सफेदपोशों की सूची पुलिस ने बनाई थी। कुछ को पकड़ा और कुछ को छोड़ दिया था। परंतु नए एसएसपी अपराधिक गिरोह के सफेदपोश सहयोगियों पर पूरी ईमानदारी से शिकंजा कसने की तैयारी में लगे प्रतीत होते हैं। इसी कारण उन्होंने गिरफ्तार अपराधियों के स्वीकारोक्ति बयान में  सफेदपोशों के नाम भी दर्ज किए हैं। मालूम हो 29 अप्रैल 2020 को रात 10:45 बजे सीतारामडेरा थाना इलाके की नीतिबाग कॉलोनी रोड नंबर 2 में अखिलेश सिंह और परमजीत सिंह गिरोह के लोगों के बीच गोलीबारी हुई। जबकि शहर में लॉक डाउन था। इसमें कुछ अपराधकर्मी घायल भी हुए। पुलिस ने मामले के नामदर्ज अभियुक्तों के साथी ही अनेक अप्राथमिक अभियुक्तों को खोज-खोज कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान में जमशेदपुर के कुछ पत्रकारों के नाम भी आए, जो घटना के तुरत पहले अपराधिक गिरोह के द्वारा बागबेड़ा में आयोजित की गई पार्टी में भी शामिल थे। इनमें से जमशेदपुर के कुछ बड़े दैनिक अखबारों के क्राइम रिपोर्टर हैं। जिन्हें अपराधिक गिरोह के लोगों ने बड़े प्यार से बुलाया था और जमकर दारू पिलाई थी।

एक गिरफ्तार अपराधी के स्वीकारोक्ति बयान में यह दर्ज किया गया है पार्टी में एक गोरे, लंबे और सुंदर प्रेस रिपोर्टर भी आए थे। उनसे अपराधकर्मियों ने बढ़िया से समाचार छापने का अनुरोध भी किया था। इसके बाद वे संवाददाता अपराधकर्मी हरीश सिंह के साथ दारू पीने लगे। सूत्रों के मुताबिक दारू पीने के दौरान संवाददाता ने इतनी दारु पी ली कि वे अपने पैरों पर खड़े भी नहीं हो सके। बाद में अपराधिक गिरोह के लोगों ने उन्हें उठाकर कार में बैठाया और उनके घर पहुंचाया। यह संवाददाता सूर्य के समान जमशेदपुर में छा जाने वाले एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता बताए जाते हैं। इसके अलावा भी कई दैनिक अखबारों और न्यूज चैनलों के संवाददाता अपराधकर्मियों की इस दारू पार्टी में शामिल थे। इन पर पुलिस कोरोनावायरस संक्रमण के चलते अब तक हाथ नहीं डाल पाई है। परंतु सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही पुलिस इन पत्रकारों पर कार्रवाई करेगी, जो क्राइम रिपोर्टर के नाम पर क्रिमिनलों के साथ दोस्ती करते हैं और दारू पीते हैं। इसमें दो मत नहीं कि पुलिस की बहुत सी गुप्त सूचनाएं भी ऐसे पत्रकार अपराधकर्मियों को देते होंगे। इसी कांड में पुलिस ने एक स्थानीय चैनल के संवाददाता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे नए एसपी का रुख साफ है कि वे अपराधियों से सांठगांठ करने वाले किसी भी सफेदपोश को नहीं छोड़ेंगे।

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