श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण प्रगति पर

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जमशेदपुर, 20 जून : विश्व हिंदू परिषद झारखंड और बिहार के क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र विमल ने राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण की अब तक की जानकारी देते हुए कहा है कि समाचार माध्यमों में बार-बार श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के शुभारम्भ का समाचार आ रहा है। इससे समाज में भ्रम निर्माण हो रहा है। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्त्ता भी वस्तुस्थिति जानने के इच्छुक हैं। अतः इस संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय तथा विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री मिलिन्द पराण्डे से प्राप्त सूचनानुसार विस्तृत जानकारी देने के उद्देश्य से यह पत्र जारी किया जा रहा है।
उन्होंने लिखा है कि व्यापक दृष्टि से विचार करें, तो मंदिर निर्माण का कार्य न्यास को भूखंड प्राप्त होने के बाद से ही चल रहा है।प्रारम्भ में न्यास के पदाधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा स्थल का सर्वेक्षण किया गया। फिर वहाँ से लोहे से बनी घेराबंदी हटाई गई। श्रीरामलला की मूर्त्ति को अस्थायी मंदिर में विधिवत अनुष्ठान कर स्थानांतरित किया गया। वहाँ नित्य विधि-विधान से पूजा चल रही है। तब से स्थल के समतलीकरण का कार्य चल रहा है। लॉकडाऊन के कारण कार्य की गति धीमी रही। पर अब उसमें तेजी आई है।समतलीकरण के दौरान वहाँ से कसौटी पत्थर के सात स्तम्भ, बलुआ पत्थर की अनेक कलाकृतियाँ तथा लगभग 5 फीट का एक शिवलिंग प्राप्त हुआ है। यह शिवलिंग वहाँ कुबेर टीले पर स्थापित शिवलिंग जैसा ही है। गत 10 जून को कुबेर टीले पर रूद्राभिषेक संपन्न हुआ। वहाँ लगातार धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। जैसा कि सर्वविदित है एक विशाल भव्य मंदिर का निर्माण होना है, जिसकी चौदह तल्ले के भवन जैसी ऊँचाई होगी तथा हजारों वर्षों की आयु होगी। यह पूरा निर्माण गत 15 वर्षों से लगातार तराशे जा रहे पत्थरों से होना है। अतः मिट्टी की भारवाही क्षमता की जाँच आवश्यक है। यह कार्य अभी बाकी है। 491 वर्षों के 77 संघर्ष तथा लाखों रामभक्तों के बलिदान के बाद यह शुभ घड़ी आई है। शिलान्यास का कार्यक्रम तो संघर्ष के काल में 9 नवंबर 1989 को संपन्न हो चुका है। परन्तु निर्माण प्ररम्भ करने के पूर्व एक स्मरणीय ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान होना आवश्यक है। हुतात्मा कारसेवकों को श्रद्धांजलि भी तो देनी चाहिए। अतः एक शुभ तिथि निकालकर साधु-संतों के द्वारा हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी की उपस्थिति में भूमिपूजन का भव्य आयोजन होना है। इस निमित्त मुहूर्त्त निकालने तथा मोदी जी का कार्यक्रम तय कराने हेतु न्यास के पदाधिकारियों द्वारा प्रयास किया जा रहा है।निर्माण कार्य का जिम्मा लॉर्सन एण्ड टुब्रो कंपनी को दिया गया है। भूमि पूजन सपन्न होने के बाद तराशे गये विशाल प्रस्तर खंडों को कार्यशाला से निर्माण स्थल पर लाने तथा नींव में उसे लगाने के साथ प्रत्यक्ष निर्माण कार्य की शुरुआत हो जायेगी। परन्तु अभी जो चल रहा है, वह भी निर्माण प्रक्रिया का ही भाग है। अतः मंदिर निर्माण प्रारम्भ है, ऐसा कहा जा सकता है।                         

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