1962 का चीनी हमला और हमारी सैनिक तैयारी का हाल एक युद्ध संवाददाता के शब्दों में

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–सुरेंद्र किशोर–

देश के प्रमुख पत्रकार मन मोहन शर्मा के अनुसार,‘‘एक युद्ध संवाददाता के रूप में मैंने चीन के हमले को कवर किया था।  मुझे याद है कि हम युद्ध के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। हमारी सेना के पास अस्त्र,शस्त्र की बात छोड़िये,कपड़े तक नहीं थे। नेहरू जी ने कभी सोचा ही नहीं था कि चीन  हम पर हमला करेगा।एक दुखद घटना का उल्लेख करूंगा।अंबाला से 200 सैनिकों को एयर लिफ्ट किया गया था।उन्होंने सूती कमीजें और निकरें पहन रखी थीं।उन्हें बोमडीला में एयर ड्राप कर दिया गयाजहां का तापमान माइनस 40 डिग्री था।वहां पर उन्हें गिराए जाते ही ठंड से सभी बेमौत मर गए।  युद्ध चल रहा था,मगर हमारा जनरल कौल मैदान छोड़कर दिल्ली आ गया था।ये नेहरू जी के रिश्तेदार थे।इसलिए उन्हें बख्श दिया गया।हेन्डरसन जांच रपट आज तक संसद में पेश करने की किसी सरकार में हिम्मत नहीं हुई।’’

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