आज़ाद मज़दूर में छपी खबर का असर – प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत पुतली सबर को कुकिंग गैस सिलेंडर मिला

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प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत पुतली सबर को कुकिंग गैस सिलेंडर और चूल्हा नहीं मिलता, अगर 7 मई 2020 को आज़ाद मज़दूर ने खबर नहीं छपी होती।

याद रहे 2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अब बंद हो चुकी है। खबर का शीर्षक ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में घोटाला’ था। पुतली सबर लुप्त होते आदिवासी सबर जनजाति की महिला है। वह भिलाई पहाड़ी सबर टोला की निवासी है।

आज़ाद मज़दूर में यह समाचार छपने के बाद उज्जवला योजना के नोडल पदाधिकारी रजत सिंह ने भिलाई पहाड़ी इलाके में गैस सप्लाई करने वाले डीलर ग्रीन इंडिया मानगो और चंद्रकला इंडेन भुईयाडीह से जानकारी हासिल की। परंतु इनके पास पुतली सबर का गैस सिलेंडर और चूल्हा नहीं मिला। आश्चर्यजनक रूप से पुतली सबर का कुकिंग गैस सिलेंडर और चूल्हा आदित्यपुर की केसरी गैस एजेंसी के पास मिला।

ऐसा समझा जाता है कि केसरी गैस एजेंसी ने पुतली सबर को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मिले गैस सिलेंडर और चूल्हे को काले बाजार में बेच दिया होगा। परंतु आजाद मजदूर में समाचार छपने के बाद जब जांच शुरू हुई तो एजेंसी ने कहीं से जुगाड़ कर लाभुक को गैस सिलेंडर और चूल्हा  दिया।

अगर गैस एजेंसी की नियत साफ होती तो उसे इस बात की खबर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नोडल पदाधिकारी को देनी चाहिए थी कि पुतली सबर की गैस और चूहा उनके पास है। इससे साफ है कि केसरी गैस एजेंसी की नियत गरीब सबर महिला का हक निगलने की थी। अगर खबर नहीं छपती तो सबर महिला को कभी गैस सिलेंडर और चूल्हा नहीं मिलता। संभव है कि जांच करने पर पूर्वी सिंहभूम जिले में ऐसे और लोग मिलें जिनका चूल्हा और गैस सिलेंडर अब तक गैस एजेंसियां दबाए बैठे हैं।लाभुकों को पता भी नहीं कि उन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर और चूल्हा आवंटित हो चुका है।

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