‘आज़ाद न्यूज़’ एक महीने पहले कह चुका था, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अब कहा

Share this:

कविकुमार

जमशेदपुर, 16 जुलाई : झारखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा झारखंड सरकार के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने 14 जुलाई को कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके चार विधायकों को खरीद कर अपने दल में ले जाना चाहती है। ऐसा भारतीय जनता पार्टी ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत एक मुहिम चलाकर कर रही है। श्री उरांव ने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव के समय ही 4 कांग्रेसी विधायकों पर भारतीय जनता पार्टी ने डोरे डाले थे और उनसे वोट मांगा था। बदले में बड़ी रकम देने का लालच दिया था। डॉ रामेश्वर उरांव ने यह भी कहा कि झारखंड राज्य की गठबंधन सरकार को भारतीय जनता पार्टी पचा नहीं पा रही है। कांग्रेस के विधायकों को पद और पैसे का लालच दिया जा रहा है। उन्हें खुद उन विधायकों ने इसकी जानकारी दी। डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने इसकी सूचना प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह को दे दी है।याद रहे करीब 1 महीने पहले 12 जून को ‘आज़ाद न्यूज़’ ने ‘झारखंड राज्य सभा चुनाव में पक रही है भाजपा की वापसी की खिचड़ी’ शीर्षक समाचार का प्रकाशन किया था। उस समाचार में साफ-साफ लिखा था कि झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी का एक अवसर मान रही है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक ‘झारखंड फ़तह’ का यह अभियान बड़े ही गोपनीय तरीके से चलाया जा रहा है। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी को इस तरह का कोई अभियान चलाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उसके पास अपने प्रत्याशी दीपक प्रकाश को जिताने के लिए पर्याप्त वोट हैं।.. इस तरह राज्यसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी की जीत तय है फिर भी पर्दे के पीछे से सारी कसरत झारखंड की सत्ता में वापस लौटने की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। मौजूदा स्थिति में झारखंड विधानसभा में कांग्रेस के 16 विधायक हैं। इनमें से 12 विधायक असंतुष्ट बताए जाते हैं। असंतुष्टों में दो मंत्री भी शामिल हैं।….. असंतुष्ट विधायकों को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बढ़िया पैकेज मिलने पर यह अपने वोट भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को दे सकते हैं।… भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिलाने के बाद उनके लिए फिर से चुनाव लड़ कर विधायक बनने का चांस रहेगा, जैसा कर्नाटक और मध्य प्रदेश राज्य में हो चुका है। ‘आज़ाद न्यूज़’ ने छापा था कि फिलहाल कांग्रेस के पास डैमेज कंट्रोल का कोई प्लान नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के विधायकों के समान झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ नाराज विधायकों पर भी भारतीय जनता पार्टी अपने डोरे डालेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा के ऐसे विधायक काफी सीनियर हैं और अपनी उपेक्षा के कारण हेमंत सोरेन से नाराज हैं। ऐसे कुछ विधायक यह जानते हैं कि अगले चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा उन्हें टिकट नहीं देगा और न जनता उन्हें वोट देगी। वैसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के भारी-भरकम पैकेज को ठुकराना उनके लिए फायदेमंद नहीं होगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के ऐसे विधायकों की संख्या 6 से 7 बताई जाती है। जानकार लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाने के लिए खिचड़ी फरवरी 2020 माह के अंत से चूल्हे पर चढ़ गई थी। मार्च 2020 के अंत तक इसे पक कर तैयार हो जाना था। परंतु कोरोना वायरस के कारण खिचड़ी पक नहीं पाई। राजसभा चुनाव के मौके पर फिर से खिचड़ी पकाने की कोशिश जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। ‘आज़ाद न्यूज़’ की यह राजनीतिक भविष्यवाणी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव के ताजा बयान से सच साबित हुई। साथ ही यह भी पता चला कि झारखंड के राजनीतिक जो सोचते हैं या उनके सामने जो आता है, उससे करीब एक महीना पहले ‘आज़ाद न्यूज़’ उसकी राजनीतिक भविष्यवाणी कर देता है। 2019 के संसदीय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने धाकड़ सांसदों के टिकट काट दिए थे। इसकी राजनीतिक भविष्यवाणी समाचार पत्र ‘आज़ाद मज़दूर’  ने करीब 1 साल पहले ही कर दी थी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!