जमशेदपुर के अनेक व्यापारियों को मरने से बचा लिया सरायकेला-खरसावां पुलिस ने

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जमशेदपुर, 9 जुलाई : अखिलेश सिंह गिरोह के कमजोर होने पर कुछ अपराधियों ने मिलकर एक नया गिरोह बनाया है। वे जमशेदपुर के कुछ बड़े व्यापारियों की हत्या कर शहर में दहशत फैलाने की योजना बना चुके थे। इसके तहत उन्होंने व्यापारियों की रेकी का काम भी पूरा कर लिया था और घटना को अंजाम देने ही वाले थे कि सरायकेला-खरसावां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस अपराधी गिरोह के टारगेट में जमशेदपुर की कुछ कंपनियां भी थीं, जहां दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की योजना थी यह जानकारी आज सरायकेला-खरसावां के एसपी एम. अर्शी ने प्रेस को दी। उन्होंने बताया कि इसी अपराधी गिरोह ने आरआईटी थाना क्षेत्र में जीपीटी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साइट पर 4 जुलाई  2020 को फायरिंग एवं बम बाजी की थी। जिससे उक्त ठेका कंपनी को डरा कर उससे रंगदारी वसूली जा सके। इस संबंध में आरआईटी थाना में रंगदारी, आर्म्स एक्ट तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी ने सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश रंजन के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया था। इस टीम ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां जिलों के अनेक स्थानों पर गहन छापामारी की तथा इस गिरोह के 10 अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया। सबने अपना अपराध स्वीकार कर लिया तथा उनके इकबालिया बयान के मुताबिक घटना में उपयोग किए गए हथियार, बाइक, कार, मोबाइल, सिम कार्ड इत्यादि बरामद किए गए, सरायकेला-खरसावां के एसपी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सभी अपराधकर्मी पैसे की किल्लत झेल रहे हैं। इनकी नजर में मुख्य रूप से रेलवे ठेकेदार व जमीन के कारोबारी वगैरह हैं। एसपी ने कहा कि जमशेदपुर में अखिलेश गिरोह के कमजोर होने तथा अन्य अपराधिक गिरोहों के वर्चस्व को तोड़ने हेतु अपराधी कृष्णा राव, मनोज सरकार, कार्तिक मुंडा, शशि भूषण भारती, मोहम्मद शरफुद्दीन, सुनील ठाकुर एवं इनके अन्य साथियों ने मिलकर एक संगठित अपराधिक गिरोह का गठन किया। इस गिरोह में स्थानीय अपराधकर्मियों के अलावे छत्तीसगढ़ के चार अपराधकर्मी को सूटर के रूप में बुलाया गया। एसपी ने कहा कि इसके अलावा राजखरसावां स्टेशन, गालूडीह, रखा माइन्स श्री सीमेंट आदि जगहों पर चल रहे बड़े-बड़े ठेकों को बाधित करनेे तथा जमशेदपुर शहर के बड़े व्यापारियों की हत्या कर दहशत फैलाकर रंगदारी लेने की योजना इस गिरोह ने बनाई। परंतु सरायकेला-खरसावां पुलिस द्वारा इन्हें गिरफ्तार कर लेने के कारण इनकी योजना धरी की धरी रह गई। एसपी ने बताया कि छत्तीसगढ़ से बुलाए गए चारों शूटर को एक नकली कंपनी के नाम पर नियुक्ति पत्र देकर रहने के लिए फ्लैट मुहैया कराया गया था। हथियार, कारतूस, बम और मोटरसाइकिल मोहम्मद शरफुद्दीन द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। एसपी ने कहा कि इस गिरोह के कुछ अपराधी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान जारी है। गिरफ्तार अपराधियों में आदित्यपुर टू के निवासी ओमी राव उर्फ के. उमामहेश, छत्तीसगढ़ दुर्ग के रहने वाले सुनील तिवारी, छत्तीसगढ़ उतई के रहने वाले राकेश पांडेय, छत्तीसगढ़ शंकर नगर के रहने वाले लालेश, रायगढ़ छत्तीसगढ़ के निवासी परमेश्वर दास, बालिगुमा बागान एरिया जमशेदपुर के रहने वाले शशि भूषण भारती, चाईबासा के निवासी रतन तियू, बालीपोसी सरायकेला के निवासी हशीमुद्दीन अंसारी, आदित्यपुर के निवासी जय कांत पांडेय और देवनगर बाराद्वारी जमशेदपुर के निवासी सुनील ठाकुर शामिल हैं। जब्त सामानों में दो पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस, एक कार, एक मारुति ब्रेजा, एक पैशन प्रो बाइक, एक हीरो सीबीजेड बाइक, 6 सिम और 17 मोबाइल बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न थानों में 17 आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं।

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