जमीन माफिया के इशारे पर पुलिस ने उखाड़े आदिवासी के जन वन पौधे

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कविकुमार
जमशेदपुर, 31 जुलाई : एक आदिवासी परिवार द्वारा अपनी जमीन पर मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत लगाए गए पौधों को पुलिस और जमीन माफिया ने मिलकर उखाड़ दिया। जिससे वन विभाग द्वारा लाभुक आदिवासी को दिए गए सैकड़ों पौधे बर्बाद हो गए। इस तरह लाभुक आदिवासी के साथ ही वन विभाग को भी नुकसान हुआ। ऐसा सरायकेला-खरसावां जिला की कपाली पुलिस ने 18 जुलाई  2020 को आदिवासी लाभुक रवि सिंह के खेत में डोबो इलाके के जमीन माफिया से मिलकर किया।
मालूम हो मुख्यमंत्री ने जन वन योजना की शुरुआत निजी भूमि में पौधरोपण को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि करने और पर्यावरण संतुलित रखने की मंशा से शुरू की थी। इस योजना का  उद्देश्य हरित क्षेत्र में वृद्धि कर पर्यावरण संतुलन कायम रखना, वृक्षारोपण के माध्यम से भू-जल संरक्षण करना, निजी क्षेत्र में वनोपज उत्पादन को बढ़ावा देकर अधिसूचित वनों पर दबाव कम करना व राज्य में जन सहयोग से वनों के आच्छादन को बढ़ावा देना तय किया गया था। इसके लिए राज्य सरकार हर एक लाभुक को प्रति वृक्ष औसतन 100 रुपए भी देती है। इस तरह मुख्यमंत्री जन वन योजना निजी खेतों में शुरू की गई एक सरकारी योजना है। इस योजना के तहत लगाए गए पौधों को उखाड़ना सरकारी काम मेंं बाधा डालना है। जिसे गंभीर अपराध माना जाता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि कपाली पुलिस ने सरकारी काम में खुद बाधा डाली। पूरी घटना के बारे में लाभुक आदिवासी रवि सिंह ने कहा के मौज डोबो, थाना नंबर 331, खाता नंबर 42, प्लॉट नंबर 1235, 1236, 1237, 1239, 1240, 1241, 1257 कुल रकबा 1.95 एकड़ जमीन उनके पिता गुरु चरण भूमिज के नाम से खतियान में दर्ज है। इसी जमीन पर वे जन वन योजना के तहत वृक्षारोपण करना चाहते थे। उन्होंने सरायकेला के वन प्रमंडल पदाधिकारी के यहां वृक्षारोपण के लिए आवेदन किया। इस योजना के तहत वृक्षारोपण का आदेश देने से पहले वन प्रमंडल पदाधिकारी ने चांडिल के अंचल पदाधिकारी से उक्त भूमि के मालिकाना  संबंधी एक रिपोर्ट मांगी। अंचल पदाधिकारी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को जांच के बाद लिखित में दिया कि उक्त जमीन के सभी प्लॉट गुरुचरण भूमिज, पिता गहन भूमिज के नाम दर्ज हैं। मालूम हो लाभुक किसान रवि सिंह गुरुचरण भूमिज का पुत्र हैं।
जमीन के मालिकाना के संबंध में पूरी तरह तसल्ली कर लेने के बाद वन प्रमंडल पदाधिकारी सरायकेला में रवि सिंह को काष्ठ प्रजाति के 724 पौधे वृक्षारोपण के लिए दिए तथा अंचल पदाधिकारी की अनुशंसा और पौधे देने की बात ऑनलाइन अपलोड कर दी।18 जुलाई 2020 को किसान ने अपने परिवार के साथ वृक्षारोपण किया। दोपहर को वृक्षारोपण करने वाले महिला-पुरुष  भोजन करने गए तो इसी बीच कपाली पुलिस और दस-पंद्रह जमीन माफिया घटनास्थल पर पहुंचे और लगाए गए पौधे उखाड़ दिए। लाभुक के परिवार की महिलाएं लाठी लेकर मौके पर पहुंचींं तो पुलिस ने उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर रोक दिया। लाभुक रवि सिंह और उनके पुत्रों का कहना है कि उन लोगों ने पुलिस को जमीन के कागजात, अंचल अधिकारी कार्यालय चांडिल की रिपोर्ट और वन प्रमंडल पदाधिकारी सरायकेला के आदेश पत्र दिखाएं फिर भी पुलिस ने जमीन माफिया की बात मानकर उन्हें उखाड़े गए पौधे फिर से नहीं लगाने दिया। पुलिस का कहना था कि यह जमीन आदिवासी लाभुक रवि सिंह की नहीं है। जबकि अंचल पदाधिकारी की रिपोर्ट उनके पक्ष में

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