परंपरा के विपरीत ड्यूटी पर मृत होमगार्ड के जवान को सलामी नहीं दी गई

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जमशेदपुर, 30 जुलाई: कोरोनावायरस का डर होमगार्ड कार्यालय के पदाधिकारियों के दिलोदिमाग में इस कदर बैठा है कि पदाधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान मृत होमगार्ड को सलामी देने की परंपरा का निर्वाह भी नहीं किया। मालूम हो 26 जुलाई को जादूगोड़ा थाना अंतर्गत नरवा माइंस केंद्रीय विद्यालय में प्रतिनियुक्त डुमरिया रंगामटिया गांव के निवासी गृह रक्षक जवान दुखूराम हेंब्रम दोपहर लगभग 1 बजे ड्यूटी के दौरान कुर्सी पर बैठे ही बैठे स्वर्गवासी हो गए। इस घटना की सूचना होमगार्ड जिला समादेष्टा कर्तव्य पदाधिकारी को भी दी गई। कर्तव्य पदाधिकारी अमरजीत टोप्पो घटनास्थल पर जाकर वस्तु स्थिति से अवगत हुए।

सारी प्रक्रिया पूरी करने के शव का पोस्टमार्टम किया गया। परंतु मृत जवान को परंपरा के मुताबिक सलामी नहीं दी गई।होमगार्ड यूनियन के पूर्व जिला सचिव कमल कुमार  शर्मा ने कहा कि पहली बार किसी होमगार्ड जवान की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने के उपरांत होमगार्ड कार्यालय में सलामी नहीं दी गई। इससे साफ जाहिर होता है कि होमगार्ड जवानों का कोई मान सम्मान नहीं है। कर्तव्य पदाधिकारी के द्वारा जिला समादेष्टा को भ्रम में रखा गया कि मृत जवान कोरोना का शिकार है। जबकि दुखीराम हेंब्रम की करोना जांच रिपोर्ट  भी नेगेटिव थी। इस जांच  रिपोर्ट के बाद ही उनका पोस्टमार्टम एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 28 जुलाई 2020 को हुआ। इसके बात भी उसे सलामी नहीं दी गई तथा उसके शव को डुमरिया पहुंचा दिया गया। सलामी नहीं होने की वजह से गृह रक्षकों में क्षोभ एवं असंतोष की भावना व्याप्त है। पूर्व जिला सचिव के द्वारा मृत जवान के बड़े भाई को सामाजिक तौर पर दायित्व का निर्वाह करने हेतु 3000 रुपये तत्काल दिए गए।

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