कोरोना के कारण सामूहिक करम नृत्य पर रोक

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जमशेदपुर, 20 अगस्त : कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उरांव समुदाय कर्मा पर्व सादे समारोह में श्रद्धा पूर्वक मनाएगा। 28 अगस्त को जागरण, 29 अगस्त को करम पूजन, 30 अगस्त को विसर्जन किया जाएगा। उरांव समाज संघ क्षेत्रीय कमेटी ने पर्व के दौरान सामूहिक करम नृत्य, भीड़ भाड़ और पंडाल निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इस संबंध में उरांव समाज संघ क्षेत्रीय कमेटी की बैठक पुलहातु सामुदायिक भवन चाईबासा में हुई।

बैठक में कर्मा पर्व को लेकर अहम  निर्णय लेते हुए संख्या भी  निर्धारित की गयी। तय किया गया कि जावा खरीदने के लिए अधिकतम 5 लड़की जाएंगी। जावा जागरण में बालू लाने के लिए अधिकतम 7 लड़की जाएंगी। करम डाल लाने वाले श्रद्धालु  की संख्या 7 होगी। करम टांड से अखाड़ा तक करम गोसाईं को लाने वाले श्रद्धालु की संख्या 11 होगी। अखाड़ा में पूजा अनुष्ठान के लिए पाहन पुजारी समेत 7 उपासक होंगे। कर्मा धर्मा की कथा के लिए अधिकतम 11 उपासक होंगे। विसर्जन के दिन जावा वितरण के लिए अधिकतम 6 लोग होंगे।विसर्जन के लिए अधिकतम संख्या 15 होगी।


सचिव अनिल लकड़ा ने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों पर सभी अखाड़ों के मुखिया विशेष ध्यान देंगे। श्री लकड़ा ने कहा कि अर्पित किए जाने वाले तपावन को पूजा अर्चना के बाद सिर्फ प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। इसे नशा के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक में दुर्गा खलखो, लक्ष्मण बरहा, बानटोला मुखिया दुर्गा कुजूर, नदीपार उरांवसाई मुखिया रमेश कुजूर, पुलहातु मुखिया मंगल खलखो आदि ने सोशल डिस्टेंस के साथ पर्व मनाने पर विचार दिया। बैठक में शहीद रामभगवान केरकेट्टा की प्रतिमा स्थापित कराने के लिए उपायुक्त चाईबासा का आभार प्रकट किया

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