झारखंड सरकार ने राज्य निर्माता अटल बिहारी बाजपेई का अपमान किया

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अटल जी का पूरा झारखंड ऋणी है। झामुमो ने गलत परंपरा को जन्म दिया है-सांसद बिद्युत महतो

महागठबंधन की सरकार सत्ता के नशे में चूर, झारखंड निर्माता के अपमान से जनभावना आहत-कुणाल षाड़ंगी
जमशेदपुर, 17 अगस्त : भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं को झारखंड विधानसभा परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण की अनुमति नहीं मिलने पर पूरे प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। राज्य सरकार के इस रवैये से आहत भाजपा जमशेदपुर महानगर ने साकची स्थित जिला कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा झारखंड राज्य निर्माण करने की याद दिलाई। प्रेस कॉंफ्रेंस को संबोधित करते हुए जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने कहा कि जिस व्यक्ति ने वर्षों पुरानी झारखंड अलग राज्य की मांग को स्वीकार कर झारखंड प्रदेश बनाया, उस महापुरुष का झामुमो, काँग्रेस व राजद की महागठबंधन सरकार ने भुला कर झारखंडवासी के हृदय को घात पहुंचाया है। अटल जी की लोकप्रियता किसी दल की सीमाओं में बंधकर नहीं रह सकती। उन्होंने विधानसभा सचिव के उस गैर जिम्मेदाराना बयान की कड़े शब्दों में निंदा की जिसमें उन्होंने कहा कि हमें पता होता तो हम माल्यार्पण कर देते। सांसद ने कहा कि विधानसभा सचिव जैसे गंभीर पद पर बैठे व्यक्ति से अनुमति मांगने के दौरान सचिव का जिस प्रकार का रूखा व्यवहार देखने को मिला, उससे स्पष्ट हो गया कि जुबान भले ही सचिव की हो परंतु शब्द की स्क्रिप्ट सरकार द्वारा तैयार की गई है। श्री महतो ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के अविस्मरणीय योगदान कारण ही वे झारखंड विधानसभा में हैं। दल भिन्न हो सकते हैं, परंतु महापुरुषों के सम्मान में राज्य सरकार की ऐसी संवेदनहीनता गलत परंपरा की शुरुआत है। 
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि राज्य सरकार ने भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, झारखंड राज्य के जनक अटल जी को भुला दिया। जिस महापुरुष ने झारखंड का निर्माण किया, पुण्यतिथि पर उनका इस प्रकार अपमान करना दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है। यह पूरे राज्य की जनभावना का भी अपमान है। जिस झारखंड को उन्होंने बनाकर वर्षों पुरानी मांग को पूर्ण कर मूर्त रूप दिया, क्या वाजपेई जी को इस महान कार्य के लिए उसी राज्य की धरती पर अपनी पुण्यतिथि के दिन सम्मान के दो फूल पाने का भी हक नहीं है। उन्होंने विधानसभा सचिव द्वारा गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए व इस गम्भीर अपराध के लिए राज्य सरकार को राज्य की जनता से तत्काल माफी मांगने और विधानसभा सचिव को अविलम्ब बर्खास्त करने की माँग की। 

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