टाटा मेन हॉस्पिटल ने 1,55,500 रु. ले लिए और ऑपरेशन भी नहीं किया, बिल देने से भी इंकार

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टाटा मेन हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉक्टरों पर धोखाधड़ी कर रुपए गबन करने का आरोप

कवि कुमार

जमशेदपुर, 27 अगस्त : गोविंदपुर निवासी एक विधवा अनिता गनोत्रा ने आज सीनियर एसपी, बिष्टुपुर थाना प्रभारी और जिला के उपायुक्त को पत्र देकर टाटा मेन हॉस्पिटल प्रबंधन तथा यहां के डॉक्टर अतुल प्रकाश एवं मनोज रजक पर धोखाधड़ी, इलाज में लापरवाही और गबन की प्राथमिकी दर्ज करने का लिखित अनुरोध किया है।

विधवा अनिता ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल अपने बेटे को टाटा मेन हॉस्पिटल में 1 अगस्त 2020 को रात 12:30 बजे एडमिट कराया। डॉक्टरों ने फौरन ऑपरेशन नहीं होने पर उनके बेटे पारस के स्थाई रूप से विकलांग होने या लकवा मार जाने की बात कही। इससे अनिता घबड़ा गईं और उन्होंने किसी तरह उधार लेकर ऑपरेशन फीस के रूप में कुल 1,55,500 रुपये जमा किए। परंतु टाटा मेन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उनके बेटे का ऑपरेशन किये बिना उसे आज रिचार्ज कर दिया।

जब विधवा ने दिए गए रुपए का बिल और रसीद मांगी तो टाटा मेन हॉस्पिटल प्रबंधन में बिल, रसीद और बकाया रकम देने से साफ इनकार कर दिया। टीएमएच के डॉक्टरों ने उनसे कहा कि उनके सारे रुपये उनके बेटे के कोविड-19 संक्रमण के इलाज में खर्च हो गए। डॉक्टरों ने कहा कि वे कोविड-19 मरीज को इलाज का बिल और रसीद नहीं देते हैं। अनिता ने टाटा मेन हॉस्पिटल में हंगामा किया और कहा कि जब तक उन्हें बिल नहीं मिलेगा वे इंश्योरेंस से इलाज के खर्च का क्लेम कैसे करेंगी। इस पर भी टाटा मेन हॉस्पिटल प्रबंधन ने विधवा द्वारा ऑपरेशन के लिए जमा कराए गए 1,55,500 रुपये का हिसाब नहीं दिया न बिल दिया।

विधवा अनिता का कहना है सड़क दुर्घटना में उनके बेटे की कमर एवं शरीर की कई जगहों की हड्डियां टूट गई हैं। इस हालत में आज टीएमएच के डॉक्टरों ने उनके बेटे को डिस्चार्ज कर उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें नियमित जानकारी भी नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका बेटा टीएमएच में दाखिले के समय कोरोना संक्रमित नहीं था। टीएमएच में रहते हुए उसे कोरोनावायरस संक्रमण हुआ।

विधवा अनिता के मुताबिक वे दूसरे अस्पताल में अपने बेटे का ऑपरेशन अब नहीं करा पाएंगी क्योंकि टाटा मेन हॉस्पिटल ने उनके रुपए रख लिए और कोई हिसाब भी नहीं दिया। मालूम हो कुछ दिन पूर्व भी टाटा मेन हॉस्पिटल के जीएम ने प्रेस से कहा था कि कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज का इलाज करने के लिए वे एक पैसा भी नहीं लेते। परंतु विधवा अनिता के बेटे के इलाज का मामला दर्शाता है कि टाटा मेन हॉस्पिटल कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज के लिए रुपए लेता है, पर पिछले दरवाजे से।

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