नौशाद के शरीर में मारपीट के निशान मिले, पुलिसिया पिटाई के आरोप सच

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कविकुमार

जमशेदपुर, 23 अगस्त : गोलमुरी मस्जिद रोड के निवासी मोहम्मद नौशाद की मौत पुलिस की पिटाई से हुई। ऐसा पोस्टमार्टम के दौरान मजिस्ट्रेट द्वारा बनाई गई उनकी इंक्वेस्ट रिपोर्ट (पंचनामा) से साफ हो गया है।

पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सूरज कुमार ने मोहम्मद नौशाद की पत्नी और रिश्तेदारों के लिखित अनुरोध पर उनका पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत पुलिस पदाधिकारी के बदले में कार्यपालक दंडाधिकारी मृतक की इंक्वेस्ट रिपोर्ट बनाते हैं। कार्यपालक दंडाधिकारी ने मृत मोहम्मद नौशाद के शरीर के विभिन्न हिस्सों को अच्छी तरह देखने के बाद मोहम्मद नौशाद की इंक्वेस्ट रिपोर्ट बनाई। जिसमें साफ लिखा है कि मोहम्मद नौशाद की पीठ पर बाईं तरफ, बाईं बांह, दाहिने पैर तथा शरीर के अन्य कई हिस्सों में काले दाग पाए गए।

 सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद नौशाद के शरीर में पाए गए काले दाग ठीक वैसे थे जैसे दाग पुलिस द्वारा लाठी से मारे जाने पर बनते हैं। ये दाग शरीर के उसी भाग में थे जिस भाग में अक्सर पुलिस पिटाई के वक्त लाठियां मारती है।सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद नौशाद के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कड़ी एवं भोथर चीज से मारपीट के इन लंबे निशानों का जिक्र है। इंक्वेस्ट रिपोर्ट में मारपीट के कारण नौशाद की मौत होने की बात लिखी हुई बताई जाती है।

मालूम हो कि नौशाद की गिरफ्तारी बर्मामाइंस और गोलमुरी पुलिस ने संयुक्त रुप से 10 अगस्त को उनके गोलमुरी स्थित घर से सुबह करीब 11:30 बजे की। उन्हें बर्मामाइंस थाना ले जाया गया और वहां उनकी पिटाई की गई। शाम करीब 5 बजे पुलिस ने उनके घर में फोन कर बताया कि नौशाद की तबीयत बर्मामाइंस थाने में बिगड़ गई थी, जिसके कारण उन्हें महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल किया गया है। चुंकि पुलिस ने उनकी पिटाई की थी, जिससे उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी, इसलिए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं दिखाया। जबकि रंगे हाथों ट्रक से सामान चुराने वाले एक चोर ने इकबालिया बयान दिया था कि वह चोरी का सामान मोहम्मद नौशाद को बेचता है। इस आधार पर पुलिस आसानी से नौशाद को गिरफ्तार कर सकती थी।

परंतु पुलिस ने अपने बचाव के लिए नौशाद को गिरफ्तार नहीं दिखाया वर्ना मामला पुलिस हिरासत में मौत का हो जाता। नौशाद के परिवार वालों ने 10 अगस्त को ही उसे टाटा मेन हॉस्पिटल में दाखिल कराया था। किसी दबाव में आकर टाटा मेन हॉस्पिटल ने अधूरा इलाज कर नौशाद को डिस्चार्ज कर दिया। सूत्रों के मुताबिक तक उसके परिवार वाले नौशाद को इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स ले गए। कुछ दिन इलाज के बाद वहां के डॉक्टरों ने नौशाद को घर ले जाने की सलाह दी क्योंकि वे कोमा में चले गए थे। परिवार के लोग उन्हें घर लाकर उनके ठीक होने का इंतजार कर रहे थे कि 21 अगस्त को उनकी मौत हो गई।

इसके बाद गोलमुरी के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने करीब 4 घंटे तक गोलमुरी मुख्य सड़क जाम दी।इस दौरान मौके पर पहुंचे सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट ने लोगों से वादा किया कि अगर मोहम्मद नौशाद के शरीर में चोट के निशान मिले तो वे दोषी पुलिस अफसरों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।

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