रेड जोन से जमशेदपुर आने वाले बढ़ा रहे है कोरोना संक्रमण

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कविकुमार

जमशेदपुर, 21 अगस्त ‌: अपने शहर जमशेदपुर में कोरोनावायरस तेजी से पांव पसार रहा है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु दर भी बढ़ रही है। बुधवार को अपने जिले के 13 लोग कोरोना संक्रमण के कारण मौत की नींद सो गए। इनमें से 11 लोग जमशेदपुर शहर के निवासी बताए गए। अब तक शहर में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वालों की संख्या करीब 4500 तक पहुंच गई है।

 कोरोना से जमशेदपुर को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने बाहरी जिलों से जमशेदपुर में घुसने वाले रास्तों पर चेकिंग का इंतजाम किया है। जिससे रेड जोन से जमशेदपुर में कोई प्रवेश न कर सके। नियमानुसार दूसरे जिले से जमशेदपुर में प्रवेश करने वाले हर एक व्यक्ति को क्वॉरेंटाइन करने का आदेश जिला प्रशासन ने दे रखा है। अगर इस आदेश का पालन सही तरीके से होता तो जमशेदपुर में कोरोना इस तरह तेजी से नहीं बढ़ता।परंतु अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि प्रतिदिन हजारों लोग दूसरे जिलों से जमशेदपुर में बिना रोक-टोक प्रवेश कर रहे हैं। ऐसा चेकिंग पॉइंट पर कड़ाई नहीं होने के चलते हो रहा है। चेकिंग पॉइंट पर सिर्फ कार पर सवार लोगों की चेकिंग होती है, वह भी मामूली रूप में।

यह जानकारी सबको हो चुकी है इसलिए रेड जोन से जमशेदपुर में घुसने वाले लोग मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां पश्चिम बंगाल के रेड जोन से लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर जमशेदपुर में प्रवेश कर रहे हैं। यहां तक कि ऐसे लोग बिना जांच कराएं व बिना क्वारंटाइन आ गए टाटा स्टील कारखाने में ठेका मज़दूर के रुप में काम भी कर रहे हैं। इसी के कारण टाटा स्टील कारखाने के अंदर भी कोरोना संक्रमण से पीड़ित लोग मिल रहे हैं। टाटा स्टील ने दूसरे राज्यों की बड़ी ठेका कंपनियों को अनेक काम दिए हैं। ये ठेका कंपनियाँ कुशल मज़दूर झारखंड के बाहर से लाती हैं। लॉकडाउन के समय सभी मज़दूर अपने-अपने राज्यों में चले गए थे। परंतु टाटा स्टील में काम शुरू होते ही ये मज़दूर बिहार एवं पश्चिम बंगाल के अनेक रेड जोन से मोटरसाइकिल पर जमशेदपुर आये। ठेकेदार ने इनको क्वारंटाइन नहीं किया और न इनकी जांच कराई। सीधे इन्हें टाटा स्टील के अंदर काम पर लगा दिया।

विभिन्न कंपनियों में यह सिलसिला आज भी जारी है।ऐसे भी कई मामले देखे गए जब जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बसें दूसरे जिलों से प्रवेश कर गईं तथा यहां के मज़दूरों को लेकर दूसरे राज्यों में चली गईं। उन बसों के ड्राइवरों और खलासिया की कोई जांच नहीं की गई। पूर्वी सिंहभूम जिले में ग्रामीणों ने ऐसा कोई दल नहीं बनाया है जो इन बसों को पकड़े परंतु पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीणों ने एक दल बनाकर ऐसी कई बसों को रात के अंधेरे में पकड़ा, जो रेड जोन इलाके से गांव में आईं थीं और मज़दूरों को लेकर जा रही थीं। रंगे हाथों पकड़ी गईं ऐसी बसों को जप्त करने के बदले में पुलिस में उनको छोड़ दिया। परंतु ग्रामीणों में मज़दूरों को वापस जाने से रोक लिया।

तीज के अवसर पर भी बड़ी संख्या में लोग रेड जोन से मोटरसाइकिल पर जमशेदपुर आए। ऐसे लोग रेड जोन में नौकरी कर रहे हैं तथा अपननी घरवालियों से मिलने आए हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने की जमशेदपुर के पुलिस और प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है। ये कोरोना फैलाकर आराम से वापस चले जाएंगे।इस बारे में जानकारों का कहना है कि जब तक शहर के प्रवेश द्वार पर स्थित चेकिंग पॉइंट पर प्रत्येक व्यक्ति की चेकिंग उनके आधार कार्ड के आधार पर नहीं की जाएगी, जमशेदपुर में कोरोना वायरस का प्रवेश बंद नहीं होगा।

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