वकील की पत्नी रात 9 से 12 बजे तक टाटा मेन हॉस्पिटल के बाहर लाश लेकर खड़ी रहीं

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कविकुमार

जमशेदपुर, 25 अगस्त : अगर पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त सूरज कुमार कल रात 11.30 बजे के करीब टाटा मेन हॉस्पिटल के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक को कई बार फोन नहीं करते तो मृत सीनियर वकील की लाश लेकर उनकी पत्नी प्रभा जायसवाल रात भर टाटा मेन हॉस्पिटल कैंपस में खड़ी रहतीं।

प्रभा जायसवाल के साथ उनकी संस्था आदर्श सेवा संस्थान के दो-तीन लोग ही थे। जबकि मृतक जमशेदपुर के सीनियर वकील और आनंद मार्ग की जड़ें जमशेदपुर में जमाने वालों में एक थे। परंतु अंतिम समय उनकी मदद के लिए उनके पास न आनंद मार्ग के लोग थे और न बार एसोसिएशन के वकील। जिसके कारण टाटा मेन हॉस्पिटल में वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई तथा उनकी लाश रात भर रखने को कोई भी तैयार नहीं था। डीसी के हस्तक्षेप के बाद टाटा मेन हॉस्पिटल में उनकी लाश रखी गई। 


इस दौरान वहां मौजूद गौतम एवं लकी दास आनंदमार्गी मित्रों और चेलों को फोन पर बार-बार बुलाती रहीं पर कोई नहीं आया। बताते हैं कि वकील की तबीयत सुबह से खराब थी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां वकील कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। वहां वेंटीलेटर नहीं मिलने के चलते शाम को उन्हें टाटा मोटर्स हॉस्पिटल ले जाया गया। टाटा मोटर्स हॉस्पिटल के गेट के बाहर एंबुलेंस को आधा घंटा से अधिक रोके रखा गया। इसी दौरान वकील की मौत हो गई।

बाद में डॉक्टर और नर्स पीपीपी किट पहनकर एंबुलेंस में आए और वकील को रात 8.30 बजे के करीब मृत घोषित कर चले गए। टाटा मोटर्स अस्पताल ने मृत घोषित करने संबंधी कोई कागजात वकील की पत्नी को नहीं दिया। यहां तक कि टाटा मोटर्स अस्पताल उनकी लाश रखने को भी तैयार नहीं हुआ। वकील की पत्नी प्रभा जायसवाल ने विधायक सरयू राय को फोन किया और लाश रखवाने की गुजारिश की। सरयू राय ने लाश टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाने की बात कही तथा टाटा मेन हॉस्पिटल के जीएम को फोन कर लाश रखने को कहा। वकील की लाश टाटा मेन हॉस्पिटल लाई गई, परंतु यहां के पदाधिकारियों ने डेट सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण लाश रखने से इंकार कर दिया।

वकील की पत्नी प्रभा जयसवाल रात 9 बजे से रात 12:00 बजे तक टाटा मेन हॉस्पिटल इमरजेंसी के बाहर सड़क पर खड़ी रहीं तथा लाश एंबुलेंस में रखी रही। प्रभा जायसवाल ने डीसी को फोन किया तो पूर्व डीसी अमित कुमार ने फोन उठाया। उन्होंने प्रभा जायसवाल को मौजूदा डीसी सूरज कुमार का फोन नंबर दिया। सूरज कुमार ने तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल के जीएम को फोन कर लाश रखने को कहा, परंतु टाटा स्टील के जीएम ने अपने कर्मचारी को लाश रखने का आदेश नहीं दिया।

अंत में डीसी सूरज कुमार ने खुद प्रभा जायसवाल के फोन टाटा मेन हॉस्पिटल के काउंटर पर बैठे कर्मचारी से बात की। उन्हें डांट भी लगाई, तब जाकर प्रख्यात वकील और समाजसेवी की लाश  टाटा मे हॉस्पिटल में अपने मॉर्ग में रखी। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टाटा मेन हॉस्पिटल और टाटा मोटर्स अस्पताल की मानवता को कोरोना संक्रमण हो गया है।

One thought on “वकील की पत्नी रात 9 से 12 बजे तक टाटा मेन हॉस्पिटल के बाहर लाश लेकर खड़ी रहीं

  • August 26, 2020 at 3:03 pm
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    Yadi 1Senior Wakil kof ventilation na milne ke karan unki mout ho jana aur unki dead body ko Hospital me na rakhne aur Death Certificate na diya jana 1 dukhad avm durbhagya purn halat hai jiske jimmedar Jamshedpur ke TMH /Tata Motors Hospital jaise bade Hospital hai. DC Suraj Kumar dhanyawad ke patra hai jinhone apne astar par initiative le kar Dead Body ko TMH me rakhways. Agar 1Wakil aur unke Pariwar ke saath aisi ghatna hoti hai to Aam Aadmi ke saath kya hota hoga Iswar jaane. Sharmnak avm Nindniya ghatna. Administration ko is par Swata Sangyan lekar kathor karwai kiya jana jaruri hai.

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