वेंटीलेशन नहीं मिलने के चलते समाजसेवी वकील जीएस जायसवाल का देहांत

Share this:

जमशेदपुर, 24 अगस्त : आज जमशेदपुर कोर्ट के जाने-माने वकील गिरजा शंकर जायसवाल (77) का निधन रात 9:30 बजे के करीब हो गया। उनकी तबीयत अचानक काफी खराब हो गई तथा उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उनकी पत्नी उन्हें फौरन टाटा मेन हॉस्पिटल ले गईं परंतु टाटा मेन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जायसवाल को वेंटीलेशन पर रखने की जरूरत बताइए, साथ ही डॉक्टरों ने यह भी बताया उनके टाटा मेन हॉस्पिटल में वेंटीलेशन खाली नहीं है। जितने भी वेंटीलेशन हैं सबमें मरीज दाखिल हैं।

इसके बाद श्रीमती जायसवाल ने कई अस्पतालों मेरे कोशिश की परंतु किसी भी अस्पताल में वेंटीलेशन खाली नहीं था। कोरोना के अन्य मरीज पहले ही वेंटीलेशन में अपना इलाज करा रहे थे। नतीजतन उचित इलाज के बिना सीनियर वकील गिरजा शंकर जयसवाल की मौत हो गई। जमशेदपुर शहर में, जो झारखंड का सबसे बेहतर शहर बताया जाता है, वहां की हालत अब यह हो गई है कि बीमार लोगों को आईसीयू और वेंटिलेशन मिलना मुश्किल हो गया है। 

वकील जयसवाल वकील से ज्यादा एक समाजसेवी थे। उन्होंने जमशेदपुर में फ्री लीगल ऐड कमिटी का गठन किया और आजीवन कमेटी के महासचिव रहे। फ्री लीगल ऐड कमेटी ने मानवाधिकार संबंधी अनेक लड़ाइयां लड़ीं और उनमें जीत हासिल की। अंतिम दिनों में जायसवाल जी ने डायन प्रताड़ना पर अपना ध्यान केंद्रित किया। डायन प्रताड़ना निषेध कानून बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कानून को झारखंड सरकार ने लागू किया। इसकी ड्राफ्टिंग सीनियर वकील गिरजा शंकर जयसवाल ने की थी। जायसवाल जी काफी सुलझे हुए मृदु स्वाभाव के सर्व सुलभ व्यक्तित्व थे। ऐसे व्यक्ति का जमशेदपुर जैसे विश्वविख्यात शहर में बिना उचित इलाज के मर जाना जमशेदपुर के लिए शर्म की बात है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!