आईएएस अफसर एक वक्त के बाद बड़ा बाबू बन कर रह जाते हैं

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नये आई.ए.एस.अफसरों को संबोधित करते हुए कुछ समय पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह सिस्टम के प्रोसेस को आज तक नहीं समझ पाए हैं। क्योंकि जिस काम के लिए वह निजी तौर पर निर्देश देते हैं वह घंटों में हो जाता है। किंतु रूटीन काम प्रोसेस के नाम पर सालों तक फाइलों में कैद रहते हैं। प्रधान मंत्री असल में बाबूशाही जड़ता की बात कर रहे थे ।बेहतर होगा सरकार लेटरल इंट्री पर आगे बढ़े।आई.ए.एस. परीक्षा पास करने वाले प्रज्ञावान अफसर एक वक्त के बाद बड़े बाबू बनकर रह जाते हैं। यह भारत जैसे देश के लिए बेहद गंभीर स्थिति है।     

—डा.अजय खेमरिया–

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