झारखंड की जनता भाजपा के साथ, गोलबंदी से हारे विधानसभा चुनाव -जेपी नड्डा

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जमशेदपुर, 7 सितंबर : भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोरोना संक्रमण काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार व संगठन के स्तर से किए गए कार्यों को कार्यकर्ताओं से साझा किया। इसके साथ उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। साेमवार को नई दिल्ली से ऑनलाइन पदाधिकारियों से मुखातिब नड्डा ने कार्यकर्ताओं को विधानसभा की हार से उबरते हुए आगे बढ़ने की नसीहत दी।

नड्डा ने आंकड़ों का हवाला देकर कहा कि झारखंड की जनता भाजपा के कमल निशान के साथ है, हमें गोलबंदी कर हराया गया। नई कमेटी के गठन के बाद हुई पहली वर्चुअल कार्यसमिति बैठक में नई दिल्ली से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, झारखंड से प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित सभी जिलों से सांसदों, विधायकों व पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने संबोधन के क्रम में जेपी नड्डा ने राज्य की विधि व्यवस्था और विकास के मोर्चे पर हेमंत सोरेन सरकार को पूरी तरह से विफल बताया। नड्डा ने स्पष्ट कहा कि सोरेन सरकार में विकास के सारे रास्ते बंद हो गए हैं, वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार युक्त और विकास मुक्त है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का विकास तब हो सकता है, जब लॉ एंड आर्डर ठीक हो, लेकिन सोरेन सरकार में लॉ एंड आर्डर की स्थिति चरमरा गई है।

भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार में नक्सलवाद प्राय: समाप्त हो गया था, लेकिन आज यह दनदना रहा है। यह एक कमजोर सरकार की निशानी है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि राज्य की जनता कमल के निशान के साथ है। विधानसभा चुनाव में अकेले सर्वाधिक मत पाने वाली पार्टी भाजपा ही है। हमें नंबर गेम में हराया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के लोगों के दिलों में बसती है। इसीलिए हमें भाजपा को वापस मुख्य धारा में लाना है। नड्डा ने कहा कि हम कार्यकर्ता कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं हैं। हम बदलाव के दूत हैं और यह बदलाव तभी होगा जब हमें मानसिक रूप से ज्ञान होगा कि किधर बढ़ना है।राजनीतिक कार्यकर्ता दिशा व दृष्टि लेकर कार्य करता है।

पदाधिकारियों को दिए होमवर्क 
जेपी नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को उनकी जवाबदेही का एहसास कराते हुए कुछ टास्क भी सौंपे। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से कहा कि सभी पदाधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दें और कार्यसमिति सदस्यों को शक्ति केंद्रों की। नवंबर माह तक बूथ स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कर उनके माध्यम से कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी जाए। आइटी सेल भी माह में दो से तीन कंटेंट पैदा करें और उसे बूथ के कार्यकर्ताओं से साझा करे। हर बूथ पर नया व्हाट्सअप ग्रुप बनाएं और उसमें 150-200 कार्यकर्ताओं को जोड़ें।

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