थानों के अंदर तोड़ी जा रही सोशल डिस्टेंसिंग, संक्रमित हो रहे पुलिसकर्मी

Share this:

कविकुमार

जमशेदपुर, 8 सितंबर : झारखंड सरकार का आदेश है कि कोरोना संक्रमण को देखते दो लोगों के बीच कम से कम 2 मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग रखना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर डीएम एक्ट तथा महामारी एक्ट के तहत थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। परंतु अगर थाने में ही सोशल डिस्टेंसिंग का घोर उल्लंघन हो तो प्राथमिकी कहां दर्ज होगी?

यह सवाल लोगों के दिलो-दिमाग में घर करता जा रहा है। हाल ही में जमशेदपुर जिला पुलिस तथा सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस इलाके के दो थानों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। परंतु इस पर किसी भी बड़े पदाधिकारी का ध्यान नहीं गया। चौंकाने वाली बात यह है कि सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन की तस्वीर जिला पुलिस के व्हाट्सएप में डाली गई।

6 सितंबर 2020 को गम्हरिया थाना इलाके के रामचंद्रपुर गांव में बड़ा जुआ खेलते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी अभियुक्तों को एक लाइन में खड़ा कर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी ने फोटो खींचवाया और व्हाट्सएप में जारी कर दिया। गिरफ्तारों के बीच 2 मीटर की दूरी तो दूर 2 इंच की दूरी भी नहीं रखी गई। 9 गिरफ्तार लोग अलग-अलग इलाकों के हैं। इनमें कोलाबिरा, रामचंद्रपुर, पिंड्राबेडा, कांंड्रा, आदित्यपुर, बोलाईडीह और जमशेदपुर कदमा के लोग भी गिरफ्तार हुए। मालूम हो कदमा क्षेत्र कोरोना संक्रमण में आगे है। जानकारों का कहना है कि पुलिस के इसी रवैए से पुलिसकर्मी तेजी से कोरोनावायरस संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। 

पूर्वी सिंहभूम जिला पूरे झारखंड में कोरोना संक्रमण में एक नंबर पर है। परंतु 19 अगस्त 2020 को जादूगोड़ा थाना में थाना के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया गया। यहां के थाना प्रभारी ने जादूगोड़ा कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के दो आरोपी उदय प्रताप सिंह और केएस हमीद को गिरफ्तार किया। उदय प्रताप सिंह जमशेदपुर कदमा और हमीद मुसाबनी के निवासी बताए जाते हैं। थाना प्रभारी ने दोनों अभियुक्तों के बीच 2 मीटर की दूरी रखने के बदले में दोनों के चेहरे सटाकर खड़ा किया। उन्होंने प्रेस के कैमरे से बचाने के लिए दोनों अभियुक्तों के सर पर एक ही गमछा डाल कर दोनों का चेहरा छुपाया। इससे यह भी नहीं पता चल रहा है कि दोनों अभियुक्त मास्क पहने हैं या नहीं। 

पुलिस थानों में कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल को तोड़ा जाना काफी गंभीर मामला माना जा रहा है।

ReplyForward

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!