सहायक पुलिसकर्मियों का समर्थन कर रघुवर दास ने नहले पर दहला खॆला

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कविकुमार

जमशेदपुर, 16 सितंबर : करीब 1 साल बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपना बदला चुकाया। आज रघुवर दास रांची में आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सहायक पुलिसकर्मियों से बातचीत की फिर प्रेस से कहा कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी मूलवासी युवक-युवतियों को नक्सलियों के चंगुल से बचाने के लिए उनको अनुबंध पर सहायक पुलिस के रूप में नौकरी दी थी। यह नौकरी 3 साल के लिए दी गई थी। इसके बाद सहायक पुलिसकर्मियों की परमानेंट बहाली करने की योजना थी।

उन्होंने कहा कि नक्सली गांव के युवकों को डरा धमका कर नक्सली दस्ते में शामिल कर रहे थे। इसी कारण उन्होंने गांव के युवकों को पुलिस में शामिल कर लिया। इस योजना के कारण नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों की गतिविधि खत्म हो गई थीं। सहायक पुलिसकर्मियों ने काफी ईमानदारी से काम किया तथा कोरोना संक्रमण में भी उन्होंने काफी मेहनत की। इसके बाद भी मौजूदा सरकार ने इनकी नियुक्ति रद्द कर इनके साथ अत्याचार किया। रघुवर दास ने कहा कि आदिवासियों और मूलवासी की हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार का यह कदम निंदनीय है।

उन्होंने कहां की झारखंड मुक्ति मोर्चा हर वर्ष 500000 लोगों को रोजगार देने का वादा कर सत्ता में आई है।  पर वह लोगों को बेरोजगार बना रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा पर कटाक्ष करते हुए रघुवर दास ने कहा कि खुद को आंदोलनकारियों की पार्टी कहने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा सहायक पुलिसकर्मियों के आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है है।राजनीतिक जानकार रघुवर दास के इस राजनीतिक दाव को आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के आंदोलन का बदला बता रहे हैं।

मालूम हो ठीक 1 साल पहले रघुवर दास के मुख्यमंत्री काल में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर रघुवर दास के एग्रिको स्थित घर के बगल में कई दिनों तक धरना दिया था। मुख्यमंत्री के घर को घेरने के क्रम में पुलिस ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को एग्रिको मैदान से खदेड़ दिया था व उनका टेंट उखाड़ दिया था। जब आंगनबाड़ी सेविकाएं रांची में रघुवर दास के भवन को घेरने निकली तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। उस वक्त झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने रघुवर दास को तानाशाह मुख्यमंत्री कहा था तथा पूरे झारखंड में उनके पुतले जलाए थे।

जमशेदपुर के टेल्को में झारखंड मुक्ति मोर्चा और साकची गोलचक्कर में कांग्रेस और झारखंड विकास मोर्चा ने रघुवर दास का पुतला दहन किया था। आज रघुवर दास का विरोध करने वाले वही दल सत्ता में हैं और वे सहायक पुलिसकर्मियों के की नौकरी छीनने में लगे हुए हैं। रघुवर दास ने ऐसे मौके पर नहले पर दहला खेल दिया।

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