हर जरूरतमंद को मिलेगा राशन कार्ड : मुख्यमंत्री

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जमशेदपुर, 15 सितंबर : अब तक झारखंड में जितने भी मुख्यमंत्री आए किसी ने भी राशन कार्ड बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जब शिबू सोरेन मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने भी लाल कार्ड और राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं कराई। इसका मुख्य कारण यह बताया जाता है कि  सरकार की तरफ से जारी राशन कार्ड और लाल कार्ड अमीरों का बना दिया गया था। जबकि वे इसके हकदार नहीं थे।

इस तरह के राशन कार्ड बनाने में सरकारी पदाधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। बिना जनप्रतिनिधि की अनुशंसा के अमीरों के राशन कार्ड और लाल कार्ड नहीं बने। सरकार के सामने यह मजबूरी थी कि गलत तरीके से बनाए गए राशन कार्ड और लाल कार्ड को जब तक रद्द नहीं किया जाता, तब तक नए राशन कार्ड बनाना कठिन था। अमीरों के लाल कार्ड और राशन कार्ड को रद्द करने पर सरकारी पदाधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी बेनकाब हो जाते।

सरकार के पास इतना हौसला नहीं था कि वह ऐसा करती। परंतु मौजूदा हेमंत सोरेन की सरकार ने इतनी हिम्मत की। उन्होंने जाली राशन कार्ड को पकड़ा और रद्द करवाया। भले ही हेमंत सोरेन को इसमें 50% सफलता मिली फिर भी नहीं से अच्छा कुछ होना है। आज हेमंत सोरेन ने  हर एक जरूरतमंदों को राशन कार्ड देने की घोषणा की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के वक्त दिए गए आवेदकों को भी राशन कार्ड दिए जाने की घोषणा के साथ ही यह भी कहा कि कोरोना संक्रमण के समय दिए गए आवेदन पर भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह भी घोषणा की कि जिन लोगों ने अब तक आवेदन नहीं दिए हैं वे भी आवेदन करें। उन्हें भी राशन कार्ड दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से झारखंड के जरूरतमंद गरीब एवं मध्यम तबके के लोगों में खुशी है। मुख्यमंत्री ने आज दुमका में जरूरतमंदों के बीच परिसंपत्ति, कार्ड, पेंसन कार्ड आदि का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि सरकारी सुविधाएं देते वक्त निरीह लोग क्यों छूट जाते है। 

सरकार ने फैसला लिया है कि 60 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के सबको वृद्धा पेंसन और विधवा पेंसन दिया जाएगा। कोई नहीं छूटेगा।मुख्यमंत्री ने 81 महिला समूहों के बीच 81 लाख रुपये का चेक दिया। इससे हजारों महिला को लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने माना कि कोरोना संक्रमण के दौरान बाहर से लाए गए। प्रवासी मज़दूर  वापस जा रहे हैं। जबकि सरकार ने उन्हें  रोजगार देने की पूरी कोशिश की है और कर रही है। पलायन करने वाले लोग श्रम विभाग में निबंधन करा कर जाएं ताकि आपदा की घड़ी में सरकार आपकी मदद कर सके। उन्होंने कहा कि अब शहरी प्रवासी मज़दूरों के लिए भी रोजगार योजना शुरू की जाएगी।जनता के लिए लंबी कार्ययोजना तैयार की गई है। कोरोना संकट के समय भी सरकार गांव और गरीब से जुड़कर कार्य कर रही है। खुशी की बात है कि इस दौर में कोई भूख से नहीं मारा।

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