सीएसआर की जानकारियां टाटा स्टील नहीं देगी विधायक जी

Share this:

कविकुमार

जमशेदपुर, 7 अक्टूबर : पूर्वी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय में अपने विधानसभा इलाके का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने इस बात पर विशेष गौर किया कि टाटा स्टील और अन्य 15 स्थानीय कंपनियोंं ने कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत क्या-क्या कार्य किए एवं कर रही हैं। परंतु उन्हें एक भी ऐसा कार्य सरजमीन पर दिखाई नहीं दिया जो जमशेदपुर की 16 प्राइवेट कंपनियां कर चुकी हैं या कर रही हैं।

इससे परेशान होकर विधायक सरयू राय ने पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त को पत्र देकर पूछा है कि वे जमशेदपुर की प्राइवेट कंपनियोंं से सीएसआर के बारे में जानकारी हासिलकर उन्हें इसकी जानकारी दें। यहां यह बताते चलें कि विधायक जी को यह अच्छी तरह मालूम है कि जमशेदपुर की प्राइवेट कंपनियां मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक को अपनी पॉकेट में रखती आई हैं। उनके सामने जिला के उपायुक्त कोई मायने नहीं रखते।

यह जानते हुए भी विधायक जी जिला के उपायुक्त सूरज कुमार को इस झमेले मेंं फंसा रहे हैं। यह बात सब जानते हैं कि पूर्वी सिंहभूम के पूर्व उपायुक्त नितिन मदन कुलकर्णी ने सबसे पहले टाटा स्टील से सीएसआर द्वारा किए गए कार्यों की सूची और खर्च की गई रकम की जानकारी मांगी थी। परंतु टाटा स्टील ने उनके खत का जवाब नहीं दिया। इसके बाद अनेक उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम में आए। सबने जमशेदपुर की कंपनियों से सीएसआर का हिसाब मांगा पर किसी भी कंपनी ने उपायुक्त को सटीक और संतोषप्रद हिसाब नहीं दिया।

सीएसआर की बात तो छोड़िए, टाटा लीज एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक टाटा स्टील को जमशेदपुर की नागरिक सुविधाओं के लिए जितनी रकम खर्च करनी है और जो जो काम करने हैं उसका पूरा लिखित जवाब भी टाटा स्टील में कभी नहीं दिया। यह महत्वपूर्ण जानकारी न सांसद के पास है न विधायक के पास है और न मंत्रियों के पास है। शायद मुख्यमंत्री के पास भी यह जानकारी नहीं है। अभी भी टाटा स्टील जमशेदपुर का ‘राजा’ माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!