हाथी दांत की चोरी में नक्सली गिरोह पर संदेह

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जमशेदपुर, 30 नवंबर : आज दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के अंतर्गत सरायकेला-खरसावां जिला के कुकरू प्रखंड के घटवाल जंगल में हाथी की एक सड़ी गली लाश बरामद की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हाथी के दोनों दांत काटकर चुरा लिए गए थे।

ग्रामीणों के मुताबिक इन दिनों इन इलाकों में माओवादियों की गतिविधि काफी बढ़ गई है। चांडिल से लेकर चौका तक माओवादियों का एकछत्र राज चलता है। ग्रामीणों ने बताया कि माओवादी ग्रामीणों को किसी तरह से परेशान नहीं करते, इसलिए ग्रामीण भी उनके खिलाफ पुलिस को सूचना नहीं देते। ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके की औद्योगिक इकाइयों और ठेकेदारों से माओवादियों ने लेवी वसूलने शुरू कर दी है। वे जंगल में रहते हैं।

इसलिए कुछ ग्रामीणों ने संभावना व्यक्त की कि संभवतः हाथी के दांत काटने में भी माओवादियों या उनके सहयोगियों का हाथ हो सकता है। क्योंकि दांत चोरी करना आसान है परंतु उसे बाजार में बेचना काफी कठिन। हाथी का सड़ा हुआ शव पाया जाना वन विभाग के वन रक्षकों पर प्रश्न खड़ा करता है। वन रक्षकों का काम वन्य प्राणियों की निगरानी करना है। दलमा का जंगल हाथियों के लिए प्रसिद्ध है।

ऐसे में एक हाथी का सड़ा हुआ शव पाया जाना यह साबित करता है की वनरक्षी और वन के पदाधिकारी अपने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। अगर हाथी की सड़ी हुई लाश की गंध ग्रामीणों को नहीं मिलती और वे वन विभाग के अधिकारियों को खबर नहीं देते तो यह लाश गल कर खत्म हो जाती। वैसे में हाथी दांत की चोरी का सबूत भी मिट जाता। अब वन विभाग के लोग पुलिस के सहयोग से हाथी दांत तस्करों की तलाश में लगे हैं।

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