आईएएस अमिताभ कौशल से सीखिए फुटपाथी दुकानदारों को हटाना

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कवि कुमार

जमशेदपुर, 14 दिसंबर : प्रशासन के बड़े अधिकारी में इच्छा शक्ति होने पर बड़े से बड़े असंभव काम भी आसानी से किए जा सकते हैं। इसका उदाहरण हैं जमशेदपुर के पूर्व उपायुक्त अमिताभ कौशल। उन्होंने ठान लिया था कि जमशेदपुर के बाजारों के अंदर सड़कों पर दुकानेंं नहीं लगाने देंगे तो नहीं लगाने दी। जब तक वे इस जिला के डीसी रहे, शहर के बाजार खासकर साकची बाजार के अंदर सड़क पर फुटपाथी दुकानें नहीं लगीं। 

बाजारों के अंदर सड़क पर दुकानें लगाने के लिए नेतागिरी हुई, जुलूस निकला, हंगामा खड़ा किया गया, उपायुक्त पर राजनीतिक दबाव डाला गया, पर अमिताभ कौशल टस से मस नहीं हुए। अमिताभ कौशल ने मंगलवार के दिन भी बाजार के अंदर सड़क पर दुकानेंं नहीं लगने दींं। इससे जमशेदपुर के लाखों लोगों को काफी राहत मिली। जमशेदपुर के लोग आज भी पूर्व डीसी अमिताभ कौशल की कार्यशैली के कायल हैं जबकि उस वक्त सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी नहीं थी। 

आज जमशेदपुर के लोग कोरोना काल में बाजारों की सड़कों पर दुकानें लगाकर मेला जैसा माहौल पैदा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होते नहीं देखते हैं तो उन्हें अमिताभ कौशल याद आते हैं।चौंकाने वाली बात यह है कि कोरोना काल में जमशेदपुर पुलिस के बड़े अधिकारी यहां कौवा उड़ाने की तर्ज पर काम कर रहे हैं।कभी कभी सिटी एसपी अपनी फौज के साथ साकची बाजार में छापामारी करते हैं और सड़क पर दुकान लगाने वालों को खदेड़ देते हैं। उनके सामान जप्त कर लेते हैं। परंतु दूसरे दिन फिर वही हाल। बाजार की सड़कों में दुकानें लग जाती हैं। भीड़ इकट्ठी हो जाती है।

क्या कौवा उड़ाने की तर्ज पर कोरोना से लड़ा जा सकता है?यहां साकची बाजार के फुटपाथी दुकानदारों के इतिहास के बारे में जानना भी जरूरी है। फुटपाथी दुकानदारों के अवैध कब्जे से साकची की सड़कों को बचाने के लिए टीना सेड दुकानों का निर्माण किया गया। इसके लिए यहां पर बने विशाल तालाब, जिससे पर्यावरण शुद्ध होता था,  को भर दिया गया। सभी फुटपाथी दुकानदारों को टीना सेड में दुकानें दे दी गईंं। मगर फिर से साकची की सड़कों पर नए फुटपाथी दुकानदारों ने कब्जा कर लिया।

इनको फिर से सड़कों से हटाने के लिए पूर्व उपायुक्त संजय कुमार ने साकची में दो बाजारों की स्थापना कराई। बाद में उनके नाम संजय मार्केट और शालिनी मार्केट दिए गए। सभी फुटपाथी दुकानदारों को इन बाजारों में दुकानें दे देने के बाद फिर से फुटपाथ और बाजार की सड़कें खाली हो गईंं। परंतु कुछ महीने के बाद नए फुटपाथी दुकानदार पैदा हो गए और बाजार की सड़कों पर कब्जा कर लिया।

बताया जाता है कि संजय मार्केट और शालिनी मार्केट में मिली अपनी दुकानों को ऊंची कीमत में बेचने के बाद अनेक लोग फिर से साकची बाजार की सड़कों पर दुकानें लगाने लगे। इस तरह फुटपाथी दुकानदारों को विस्थापित करने का प्लान फ्लॉप हो गया। 

फुटपाथी दुकानदारों की जिद का पता इससे चलता है कि मौजूदा उपायुक्त सूरज कुमार ने कोरोना को देखते हुए इन्हें आम बागान मैदान में दुकान लगाने की जगह दी परंतु डीसी की आज्ञा का उल्लंघन करते हुए फुटपाथी दुकानदारों ने जबरदस्ती साकची बाजार की सड़कों पर दुकानें लगाकर कोरोना संक्रमण के नियमों का खुला उल्लंघन किया।

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