ओवैसी और वामपंथियों के साथ तीसरे मोर्चे का गठन करेगा जेपीपी

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जमशेदपुर, 31 दिसंबर : झारखंड पीपुल्स् पार्टी ( जेपीपी) का 30 वाँ स्थापना दिवस सम्पन्न हुआ। सभा की अध्यक्षता जेपीपी के संस्थापक सह अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने की। पार्टी के प्रधान महासचिव दिल बहादुर ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।            

पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने सभा में उपस्थित पार्टी के पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 20 सालों में झारखंड की मूलभूत समस्याओं का हल करना तो दूर राज्य ही बेहाल हो गया। इन 20 वर्षों के कालखंड में झारखंड में पाँच बार विधान सभा कख चुनाव हुआ और 11 बार सरकार बनी। तीन बार राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा। फिर भी झारखंड की तस्वीर और झारखंडियों की तकदीर नहीं बदली।

11 वें मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ रघुवर दास को छोड़कर बाकि सभी आदिवासी ही राज्य के मुख्यमंत्री बने, बावजूद झारखंड राज्य में आदिवासियों की सबसे ज्यादा दुर्दशा है। श्री बेसरा ने कहा कि झारखंड की वर्तमान हेमंत सरकार एक साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी है परन्तु झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनावी वादे पुरे नहीं हुए। सभा में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि 2021 का वर्ष संघर्ष का वर्ष होगा।

सत्ता परिवर्तन और व्यवस्था परिवर्तन के लिए 2021 का लक्ष्य रखा गया। जबकि यूथ विजन के लिए 2030 का लक्ष्य रखा गया है। झारखंड में राजनीतिक विकल्प की ज़रूरत के मद्देनजर समान विचारधारा वाले दलों को मिलाकर तीसरे मोर्चे में ओबैसी की पार्टी एवं वाम दलों को शामिल करने की पहल झारखंड पीपुल्स् पार्टी करेगी। सभा को निम्नलिखित वक्ताओं ने सम्बोधित किया। दिल बहादुर, पंकज मंडल, राकेश श्रीवास्तव, मुश्ताक अहमद, रीना सेनापति, डाॅ रंजन भुँइया, कृतिवास मंडल, मोहन लाल घोष, राम लाल महाली, बलराम कर्मकार, दिनेश कुमार कर्मकार आदि।

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