निमोनिया का टीका दिलवाकर शिशु मृत्यु पर अंकुश लगाया जाएगा

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पांच साल या इससे छोटे बच्चों की मृत्यु का मुख्य कारण न्यूमोनिया और डायरिया होता है. झारखंड में टीकाकरण अभियान चलाकर बच्चों को निमोनिया का टीका दिलवाकर शिशु मृत्यु पर अंकुश लगाया जाएगा.

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 0 से एक साल तक के बच्चों को अलग-अलग अंतराल पर पीसीवी-13 (न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन) टीके लगाए जाएंगे. अभी तक यह टीका निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध हो पा रहा था, जो काफी महंगा होने के कारण कई गरीब अपने बच्चों को नहीं दिलवा पा रहे थे.

प्राइवेट अस्पतालों में पीसीवी की एक डोज की कीमत लगभग 3 हजार रुपये है. इसीलिए अब बच्चों के लिए निमोनिया का टीका सरकारी स्तर पर सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त में, ताकि राज्य के गरीब मां बाप भी अपने बच्चों को निमोनिया जैसी खतरनाक बीमारी से बचा सकें. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह टीका 2021 तक सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त. इसको लेकर केंद्र सरकार की तरफ से चिट्ठी जारी कर दी गई है और राज्य सरकार ने भी तैयारी पूरी कर ली है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में झारखंड का शिशु मृत्यु दर का अनुपात एक हजार बच्चों पर 21 है. इसमें ज्यादातर बच्चे निमोनिया की वजह से नहीं बच पाते हैं. 

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