मछली बाजार बने जमशेदपुर के बैंक कर सकते हैं कोरोना ब्लास्ट

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भालूबासा की शाखा में मछली बाजार

कवि कुमार

जमशेदपुर, 14 दिसंबर : जमशेदपुर के शहरी इलाकों में कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जमशेदपुर झारखंड राज्य के 24 जिलों में दूसरे नंबर पर है। जहां कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या ज्यादा है। झारखंड में पहला स्थान रांची का है। रांची और जमशेदपुर को मिलाकर 59.75% एक्टिव केस हैं।

जमशेदपुर के लिए यह शुभ लक्षण नहीं है। परंतु यहां के ज्यादातर लोग समझ रहे हैं कि अब कोरोना खत्म हो चुका।उक्त आंकड़ों को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने कड़ाई शुरू कर दी है। पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त सूरज कुमार ने कहा है कि किसी भी हालत में दो लोगों के बीच सार्वजनिक स्थल पर 2 गज यानी कम से कम 6 फीट की दूरी रहना जरूरी है तथा मास्क का प्रयोग भी अति आवश्यक है। उन्होंने सभी इंसीडेंट कमांडरों को आदेश दिया है कि वे इन नियमों का पालन कड़ाई से कराएं।

जो उनकी बातें न मानें उन्हें नोटिस जारी करें तथा उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाए। विभिन्न इलाकों के इंसीडेंट कमांडर और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को चौकसी बरतने को कहा गया है, जिससे लोग कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन न कर सकें।जिला प्रशासन बाजार, होटल, शादी समारोह, रेस्टोरेंट्स, मॉल पर विशेष ध्यान दे रहा है। परंतु जमशेदपुर के 99% बैंक कोविड-19 के नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। यहां कोविड-19 के सरकारी प्रोटोकॉल की ऐसी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जैसी मछली बाजार में भी नहीं उड़ाई जाती होगी।

साकची पेनार रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की हालत बदतर

अधिकांश बैंकों ने शहर के विभिन्न इलाकों में छोटी-छोटी जगहों पर अपनी शाखाएं खोल रखी हैं। इन शाखाओं की सीढ़ियां 3 फीट चौड़ी हैं। बैंक में घुसने से पहले ही सीढ़ियों में सोशल डिस्टेंसिंग टूट जाती है। रही सही कसर बैंक के काउंटर पूरी कर लेते हैं। अगल बगल बने काउंटरों में लोग सट-सट पर खड़े होते हैं। काउंटर की नजदीकियां ही सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ रही हैं। साकची पेनार रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की हालत बदतर देखी गई। यहां काउंटर में लाइन लगाकर खड़े लोगों के बीच में 6 फुट के बदले में मुश्किल से 1 फुट की दूरी होगी। इनमें से अनेक लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे और अनेक लोग गलत तरीके से मास्क लगाए हुए थे। बैंक प्रबंधन अपने ग्राहकों से मास्क लगाने का अनुरोध भी नहीं कर रहा था।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कालीमाटी ब्रांच साकची का परिसर बड़ा है। परंतु यहां बैंक के एक बड़े अधिकारी के 4 फुट बाई 4 फुट घेराव वाले चेंबर में 5 ग्राहक खड़े थे। बैंक अधिकारी काफी देर तक इनसे बातें करते रहे। उनमें से कुछ लोगों ने मास्क भी नहीं पहन रखे थे। बैंक ऑफ इंडिया गोलमुरी ब्रांच में 3 फुट चौड़ी सीढ़ियां हैं। बैंक के अंदर इतनी भीड़ थी कि ग्राहक सीढ़ियों में भी खड़े थे। हमारे कैमरामैन ने इस बैंक में घुसने की हिम्मत नहीं की।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भालूबासा की शाखा में मछली बाजार लगा हुआ था। यहां ग्राहक एक दूसरे से सट कर खड़े थे। बिना मास्क पहने हुए अनेक ग्राहकों को भी बैंक में घुसने दिया गया था। कमोबेश यही हाल जमशेदपुर के 99 प्रतिशत बैंकों के बताए जाते हैं। जानकार लोगों का कहना है कि अगर जमशेदपुर में कोरोना ब्लास्ट होता है तो इसका बहुत बड़ा श्रेय जमशेदपुर के बैंकों को जाएगा।

दुख की बात यह है कि पुलिस प्रशासन का ध्यान बैंकों की इस गैरकानूनी हरकत पर नहीं है। इन बैंकों में 70-80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी लाइफ सर्टिफिकेट, केवाईसी फॉर्म भरने के लिए बुलाया जाता है। ऐसा नहीं करने पर उनके पेंशन पर रोक लगा दी जाती है। जबकि जिला प्रशासन का ऐलान है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोग बाहर न निकलें। इन बुजुर्गों के लिए ईमेल या व्हाट्सएप से फॉर्म भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है। भीड़ भरे बैंकों में जाना बुजुर्गों के लिए घातक है।

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