मुख्यमंत्री का आदेश पुल और सड़क का टेंडर एक साथ हो

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा किराज्य की सड़क निर्माण योजनाओं को ससमय पूरा करें। अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़के बने यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विकास के लिए सड़क की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिस क्षेत्र में अच्छी सड़कें बनती हैं उस क्षेत्र का विकास तेजी से होता है।

आवागमन की सुविधा के साथ-साथ यह आर्थिक विकास का मार्ग खोलता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष की जरूरत के अनुसार सड़कों का निर्माण कार्य कराएं। मुख्यमंत्री ने सड़कों के बेहतर रखरखाव करने का भी निर्देश विभागीय पदाधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों से कहा कि वैसी सभी सड़कें, जिसके कार्य प्रगति पर हैंं, उनकी प्रतिदिन की वास्तविक रिपोर्ट प्राप्त करने के निमित्त मैकेनिज्म तैयार करें।

सड़कों के कामकाज की प्रतिदिन मॉनिटरिंग हो, यह सुनिश्चित करें। सड़कों के निर्माण में क्वालिटी कंट्रोल से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए।रोड और ब्रिज का टेंडर अलग अलग न हो इसका ध्यान रखें मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों से कहा कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि सड़क और उस पर बनने वाले ब्रिज का टेंडर अलग अलग होता है। अलग-अलग टेंडर होने से निर्माण कार्य में देरी के साथ-साथ बाधाएं उत्पन्न होती हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रिज रोड का ही हिस्सा होता है, अतः ऐसी कार्य योजना तैयार करें जिसमें रोड और ब्रिज के टेंडर अलग-अलग न होंं। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में तेजी लाने का भी निर्देश विभागीय पदाधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने सड़कों पर माइलस्टोन स्थापित करने का आदेश दिया ताकि दूसरे जगहों से आने-जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य का सही जानकारी प्राप्त हो सके।पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य की सड़क निर्माण से संबंधित योजनाओं पर प्रेजेंटेशन रखा।

सचिव ने मुख्यमंत्री को राज्य भर में चल रहे मेजर रोड प्रोजेक्ट की कार्य की प्रगति से अवगत कराया। खूंटी जिला के अड़की-कोरबा-बिरबांकी-कोचांग-बंदगांव, बालूमाथ-उदयपुरा, नया चौक से रजरप्पा रोड व लालपनिया मोड़ से नया मोड़ बोकारो के कार्य की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

बैठक में स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड के अंतर्गत बनाई जा रही सड़कों की भी समीक्षा की गई।इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख मुरारी भगत, मुख्य अभियंता (यातायात) केके लाल, मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय उच्च पथ) एनपी शर्मा सहित संबंधित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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