ग्रामीणों ने कहा सालों से बिजली नहीं 11 हजार का बिल कैसे चुकायें

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कवि कुमार

जमशेदपुर, 8 जनवरी : सरकार ने उपभोक्ताओं की मदद के लिए गांव-गांव जाकर बिजली का बिल वसूलने की योजना बनाई है। इसी के तहत आज जमशेदपुर प्रखंड के पलाश बनी पंचायत के छोटा बांकी गांव में बिजली विभाग के लोग बिजली बिल की वसूली करने गए। परंतु उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। कोई भी ग्रामीण बिजली का बिल देने को राजी नहीं हुआ। कारण यह कि एक तो बिल भारी भरकम था, दूसरा  महीनों से गांव में बिजली नहीं है।

ग्रामीणों ने नारेबाजी की कि बिजली नहीं तो बिल नहीं। ग्रामीणों ने फोन पर जूनियर इंजीनियर से कहा कि गांव में कुछ लोग ऐसे हैं जिनके यहां 19 सालों से बिजली नहीं है। उन्होंने आवेदन भरा था। जब गांव में बिजली आई तो उनसे कहा गया कि वे दो पोल और घर तक तार अपने खर्चे से लगाएं। गरीब ग्रामीण पीछे हट गए। उनका आवेदन अब भी रद्दी की टोकरी में पडा होगा। छोटा बांकी गांव में आदिवासियों के 30-40 घर हैं।

जिन लोगों ने बिजली ली उनके पास आज ₹11000 से ऊपर का बिल आया। ऐसे करीब 30 घर के लोगों ने कहा कि उन्हें करीब 1 साल पहले मीटर दिया गया, परंतु उन्हें कंज्यूमर नंबर नहीं दिया गया। इस एक साल में करीब 7 महीने से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। जिससे उन्हें बिजली नहीं मिल रही है। ऐसे हालत में वे भारी-भरकम बिल कैसे चुकाए।

आज बिजली विभाग के लोग 5 लोगों के बिल लेकर गए थे। जिनको 1 साल पहले मीटर और कंज्यूमर नंबर दोनों साथ-साथ मिले थे। उन लोगों ने भी ट्रांसफार्मर जले होने के चलते बिल देने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि ट्रांसफार्मर जले होने की शिकायत उन्होंने विद्युत विभाग के लोगों से की। जले हुए ट्रांसफार्मर को देखने एक पदाधिकारी आए पर उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की।

सूत्रों के मुताबिक आज गांव के विक्रम सिंह को 11470 रुपए और गणेश सिंह को 11446 रुपए का बिल मिला, पर उन्होंने एक पैसे भी नहीं चुकाया। बिजली विभाग के लोग मुंह लटकाए वापस आ गए।

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