हेमंत सोरेन पहले अपना झारखंड संभाले : ममता बनर्जी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के झाड़ग्राम सभा से ममता बनर्जी पीड़ित, झारखंड में घुसने की दी धमकी

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कवि कुमार
जमशेदपुर, 29 जनवरी : पश्चिम बंगाल में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लगातार चुनावी सभा किए जाने से वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी विचलित हैं। उन्होंने आज एक चुनावी सभा में कहा कि उन्हें बहुत दुख है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके राज्य झाड़ग्राम में राजनीति करने आए।

वे आदिवासियों के वोट मांगने आ रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि वे लोग यहां की जनता को खाना नहीं देंगे, पढ़ाई नहीं देंगे, 365 दिन क्या हुआ यह नहीं देखेंगे, घर में लोग मरेंगे यह नहीं देखेंगे, दुर्घटना में लोग मरेंगे यह नहीं देखेंगे पर चुनाव के टाइम आदिवासी बोलकर वोट मांगने आ जाएगें, तो हम कहां जाएगें, यह क्या तरीका हुआ। 

ममता बनर्जी ने कहा कि अगर ऐसी बात है तो झारखंड में भी बंगाली बहुत है। हम वहां जाकर बंगालियों के वोट मांगेंगे तब हेमंत सोरेन को कैसा लगेगा? ममता बनर्जी ने कहा कि वह हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में गई थीं। उन्हें पूरा समर्थन दिया था। आज वही हेमंत सोरेन उनके राज्य में घुसकर राजनीति कर रहे हैं। इसका उन्हें बहुत दुख है।

ममता बनर्जी ने कहा – ‘हेमंत सोरेन यहां चला आया। यहां उसको पार्टी का उम्मीदवार चाहिए। ऐसा नहीं होगा। कैसे होगा? खाना देगा हम, पढ़ना देगा हम, धमसा देगा हम, मांदल हम देगा, ढोल हम देगा, सब कुछ हम देगा और वह आकर वोट मांगेगा। जाओ, पहले झारखंड को संभालो। मैं ऐसा नहीं कहना चाहती थी पर आज मुझे बहुत दुख हुआ।’

दूसरी तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर शंखनाद किया। झारग्राम के जामदा उतरायण क्लब मैदान में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत में आज ऐसी सरकार है, जिसने इस देश को कुछ नहीं दिया।

इस देश के पूर्वजों की संपत्ति बेच कर इसे चलाया जा रहा है। कभी ट्रेन, कभी एयरपोर्ट तो कभी हवाई जहाज की बिक्री हो रही है। वह दिन दूर नहीं जब इस देश में खून सस्ता और पानी महंगा होगा। वर्तमान में चिंता का विषय है कि आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यकों को चक्की में पीसा जा रहा हैै। आनेवाले समय में हमलोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगाा। जिस तरीके से हमलोगों के विरुद्ध नये-नये कानून बन रहे हैं, उससे गरीबों का जीना दूभर हो जायेगा।

श्री सोरेन ने कहा कि अभी गणतंत्र दिवस के दिन हमने देखा कि भारत देश आज़ाद होने के बाद भी किसानों के साथ क्या सलूक किया गया। हम लोग कहते हैं कि भारत कृषि प्रधान देश है। हमारे पूर्वजों ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया था। लेकिन लगता है अब किसानों के लिए इस देश में जगह नहीं है। रैली में मंत्री चंपई सोरेन, विधायक समीर मोहंती, रामदास सोरेन, सुप्रियो भट्टाचार्य, जेएमएम बंगाल प्रभारी बिट्टू मुर्मू, हिदायत खान ने भी जनसभा को संबोधित कियाा।



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