जनवादी विचारधारा से प्रभावित एक्टर मिथुन चक्रवर्ती के भगवा खेमे में आने तक का सफर

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पश्चिम बंगाल में होनेवाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को एक लोकप्रिय बंगाली चेहरे की तलाश थी ताकि पार्टी के हक में भावनात्मक आकर्षण को पश्चिम बंगाल की जनता के बीच बढ़ाया जा सके।

पार्टी की खोज में अहम भूमिका निभाई आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने। ममता बनर्जी की पार्टी (टीएमसी) से राज्य सभा में पहुंचने वाले मिथुन चक्रवर्ती ने आखिरकार कोलकाता स्थित बिग्रेड परेड ग्राउंड मे आयोजित परिवर्तन रैली में जनवादी विचारधाराओं को ताक में रख कर भारतीय जनता पार्टी का केशरिया भगवा झंडा थाम लिया।

वैसे भी मोदी शाह की जोड़ी हर हाल में बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने के लिए हर तरह के दावंपेच आजमा रही है और पहली कड़ी में मिथुन चक्रवर्ती का भाजपा में शामिल होना सामने आया है।

बंगाल चुनाव में मिथुन चक्रवर्ती भाजपा के स्टार प्रचारक होंगे। क़यास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भाजपा उन्हें मुख्य मंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर सकती है। बंगाल के लिए मिथुन चक्रवर्ती की अहमियत सर्वविदित है।

80-90 के दशक में उन्हें कम बजट की फिल्मों के प्रोड्यूसरों के मसीहा के रूप में जाना जाता था। मृणाल सेन द्वारा निर्देशित फिल्म- ‘मृगया’ से फिल्मी कैरियर शुरू करने वाले मिथुन चक्रवर्ती ने 350 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया है।

उन्होंने वारदात, अविनाश, जाल, डिस्को डांसर, भरष्टाचार, घर एक मंदिर, वतन के रखवाले, चरणों की सौगंध, हमसे है ज़माना, बॉक्सर, बाजी, कसम पैदा करने वाले की, प्यार झुकता नहीं समेत कई हिट फिल्मों में काम किया है। मिथुन चक्रवर्ती को अब तक कई अवार्ड्स मिल चुके हैं।

वह टीवी पर पॉपुलर डांस रियलिटी शो डांस इंडिया डांस के सुपर जज भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बांग्ला, भोजपुरी और ओड़िया भाषा में बनी फिल्मों में भी काम किया था।

पहली फिल्म ‘मृगया’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का नेशनल अवार्ड पाने वाले मिथुन चक्रवर्ती फ़िलवक्त मोनार्क ग्रुप के मालिक भी हैं जो हॉस्पिटालिटी सेक्टर में काम करती है। अपनी फिल्मों में करप्सन, शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले नायक का किरदार निभाने वाले मिथुन चक्रवर्ती अब एक बार फिर असल जिंदगी में सक्रिय राजनीति में कदम रख रहे हैं।

उन्होंने बंगाल में ‘असल परिवर्तन’ के लिए भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता भी विधिवत ग्रहण कर ली है। मिथुन चक्रवर्ती के बदौलत पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कितना फायदा होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

संवाद प्रेषक : काली दास पाण्डेय 

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