बलात्कार का मामला दबाने के लिए पुलिस ने जूही अग्रवाल का न बयान करवाया न मेडिकल चेकअप

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कवि कुमार

जमशेदपुर, 7 मार्च : पुलिस और अस्पताल की लेडी डॉक्टर ने मिलकर बलात्कार का मामला दबाने की पूरी कोशिश की। पुलिस बलात्कार पीड़िता को झूठा साबित करने की कोशिश में लगी है तथा अस्पताल की लेडी डॉक्टर उसे मानसिक रोगी बताने का षड्यंत्र कर रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस और लेडी डॉक्टर की मिलीभगत के कारण बलात्कार पीड़िता का मेडिकल चेकअप भी घटना के 3 दिनों तक नहीं हो सका।

जबकि कानून के मुताबिक पीड़िता का मेडिकल चेकअप 24 घंटे के अंदर होना चाहिए और उसका सीआरपीसी की धारा 164 के तहत ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होना चाहिए था। 24 घंटे के बाद मेडिकल जांच होने पर शादीशुदा पीड़िता के साथ बलात्कार होने की पुष्टि हो भी सकती है और नहीं भी। इसका फायदा पुलिस उठा रही है। जिससे बलात्कारी को बचाया जा सके। ऐसा करने वाली सरायकेला-खरसावां जिला की चांडिल पुलिस है तथा पुलिस का साथ देने वाली महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक विभाग के लेडी डॉक्टर हैं।

लेडी डॉक्टर और पुलिस के षड्यंत्र का पर्दा आज तक उठा जब ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क की लॉ ऑफिसर अमृता कुमारी पीड़िता जूही अग्रवाल (बदला हुआ नाम) से मिलने महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लेबर रूम में पहुंचींं।यहां पीड़िता जूही अग्रवाल काफी डरी सहमी हुई थी। उसका चेहरा पीला हो गया था तथा शरीर काफी दुर्बल था। वह 5 मार्च को चांडिल पुलिस द्वारा अस्पताल में लाकर दाखिल कराई गई थी। तब से उसे अच्छा खाना तक नसीब नहीं हुआ।

उसने बताया कि वह दर्द से परेशान है कई बार डॉक्टरों से बोलने पर उसे दर्द का इंजेक्शन दिया जाता है।उसे कुछ लोगों ने धमकी भी दी कि वह अपना मेडिकल जांच न कराए। धमकी देने वालों में चांडिल पुलिस की महिला जांच पदाधिकारी और जूही अग्रवाल के देवर जाफर अली भी शामिल हैं। मालूम हो जूही अग्रवाल ने चक्रधरपुर निवासी जावेद के साथ अंतरधार्मिक विवाह 7 साल पहले किया। इसके बाद वे मुस्लिम बन गई। हत्या के एक मामले में जावेद को सजा हो गई। उसे 2 साल पहले रांची जेल भेज दिया गया।

तब से जूही अग्रवाल चक्रधरपुर स्थित अपने पति के घर में अपनी 6 साल की बेटी के साथ रह रही थींं। इस बीच उसके देवर जाफर अली ने उसके साथ कुकर्म किया। जिसके कारण वे 4 महीने की गर्भवती हैंं। जाफर अली ने अपना पाप छुपाने के लिए मारपीट कर जूही अग्रवाल को अपने चक्रधरपुर स्थित घर से भगा दिया तथा उसकी बेटी को अपने साथ रख लिया। बेटी के अनिष्ट की धमकी देकर जाफर अली उसे अपने इशारे पर न नचाता है। 

इस दौरान जूही अग्रवाल के साथ एक अशोभनीय घटना घट गई। ससुराल से निकाल दिए जाने के बाद वह जमशेदपुर स्थित सालगाझड़ी फाटक के निकट बबलू महतो के घर में किराए में रहती थी। वह साकची स्थित वी टू कपड़े की दुकान में साफ सफाई का काम करती थी। जिससे उसे ₹5000 महीने मिलते थे। उसके पोलियो ग्रस्त अपंग पिता चक्रधरपुर में रहते थे। वह अपने पिता के लिए भी रुपए भेजती थी। जूही अग्रवाल के मुताबिक 2 मार्च को सब्जी बाजार जाने के लिए वह अपने घर से निकली और टेंपो पर सवार हुई।

टेंपो पर पहले से बैठे एक युवक ने उसके हाथ में इंजेक्शन लगाया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद टेंपो चालक और टेंपो सवार दोनों उसे चांडिल थाना स्थित कांदरबेरा के एक गैरेज में ले गए तथा उसके साथ बलात्कार किया। दोनों एक दूसरे को विक्की और रवि कह कर पुकार रहे थे। दोनों चांडिल से सब्जी लेकर सरजामदा बाजार में आया करते थे। जूही अग्रवाल जब गैरेज से भागने की कोशिश करने लगे तो विक्की ने उसे डंडे से बुरी तरह पीटा। जिससे उसके सर, माथा, आंख, नाक, पीठ, छाती वगैरह में गंभीर चोट लगी। इन चोटों के गहरे निशान आज भी जूही अग्रवाल के शरीर में मौजूद हैं।

4 मार्च को जूही अग्रवाल गैरेज से निकल कर भागी जब बलात्कारी शौच के लिए गए थे। जूही किसी प्रतिमा के सामने पहुंची और लोगों से सहायता मांगी पर किसी ने उसे सहायता नहीं दी। एक सरदार जी ने उसे चांडिल थाना तक पहुंचाया। पुलिस ने चांडिल में उसका इलाज कराया। उसके बाद एक अभियुक्त को उसकी निशानदेही पर पकड़ा। अभियुक्त को देखकर जूही अग्रवाल फिर बेहोश हो गई। पुलिस ने दोबारा उसका इलाज डॉक्टर से कराया। चांडिल के थाना प्रभारी ने अभियुक्त को थाने से छोड़ दिया।

पीड़िता का बयान कोर्ट में नहीं कराया तथा मेडिकल जांच के लिए उसे जमशेदपुर महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेज दिया। इस बीच जूही अग्रवाल के देवर जाफर अली को डर हुआ कि अगर जूही अग्रवाल की मेडिकल जांच हो जाएगी तो उसके गर्भवती होने की पोल खुल जाएगी। उसने चांडिल पुलिस से सांठगांठ की और जूही अग्रवाल को धमकी दी कि अगर उसने अस्पताल में अपनी मेडिकल जांच कराई तो उसकी बेटी की खैर नहीं।

इस मामले की जांच पदाधिकारी महिला पुलिस अधिकारी ने भी जूही अग्रवाल को मेडिकल चेकअप से डराते हुए चेकअप नहीं कराने को कहा। अपने साथ-साथ 6 साल की बेटी की जान बचाने के खातिर जूही अग्रवाल ने लेडी डॉक्टर से मेडिकल चेकअप नहीं कराने की बात कही। आज वकील अमृता कुमारी ने जूही अग्रवाल को समझाया तो वह मेडिकल चेकअप कराने को तैयार हो गई। तब अस्पताल की लेडी डॉक्टरों ने मेडिकल चेकअप करने से इंकार कर दिया।

उन लोगों ने जूही अग्रवाल को मानसिक रोगी बताया। जब वकील अमृता कुमारी ने कानून का जिक्र करते हुए लेडी डॉक्टर से मेडिकल जांच करने को कहा तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि जब तक इस कांड की जांच पदाधिकारी आकर हस्ताक्षर नहीं करेंगी वे जूही अग्रवाल का मेडिकल चेकअप नहीं करेंगी। लेडी डॉक्टर ने चांडिल थाना फोन करके जांच पदाधिकारी को अस्पताल बुलाया परंतु आधा घंटा में आने की बात कह कर जांच पदाधिकारी कई घंटे तक अस्पताल नहीं आईंं।

इस दौरान वकील अमृता कुमारी ने लेडी डॉक्टरों से जूही अग्रवाल के बालिग होने के कानूनी मुद्दे पर काफी बहस की। तब मजबूर होकर लेडी डॉक्टर ने जूही अग्रवाल का मेडिकल चेक अप किया।जूही अग्रवाल ने समाज सेवी संगठन और जनता से अपील की है कि उनकी बेटी की जान खतरे में है तथा वह काफी बीमार है। इसलिए लोग उनकी मदद करें। बीमार एवं भूखी जूही अग्रवाल को अमृता कुमारी ने फल एवं हॉर्लिक्स मंगा कर दी।

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