सूर्य मंदिर का विवाद, दो बिल्लियों की लड़ाई में कूदा बंदर

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जमशेदपुर, 10 मार्च : सूर्य मंदिर में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और जमशेदपुर पूर्व के मौजूदा विधायक सरयू राय के घमासान को देखते हुए इसका फायदा उठाने की कोशिश आज झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ नेताओं ने की। मालूम हो सूर्य मंदिर की रघुवर दास द्वारा बनाई गई कमेटी को किनारे करते हुए विधायक सरयू राय ने मंदिर की नई कमेटी का गठन किया।

नई और पुरानी कमेटी दोनों की चक्की में सूर्य मंदिर पिस रहा है। अक्सर यहां झगड़ा झंझट और तालाबंदी होती रहती है। जिला प्रशासन किसी एक पर कड़ाई से कार्यवाही करने से पहले पूरे मामले की जांच करा लेना चाहता है। इसके लिए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने एक कमेटी का गठन भी किया है परंतु अब तक कमेटी की रिपोर्ट जनता के सामने नहीं आई है।

संभवत प्रशासन विलंब करने की नीति अपना रहा है। जिसके मामला खुद ब खुद शांत हो जाए। परंतु झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं का मानना है कि सूर्य मंदिर में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विधायक का विवाद शांत नहीं होगा। यह विवाद और घातक रूप लेगा। आज झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त से मांग की गई कि सूर्य मंदिर के विवाद को रोकने के लिए जिला प्रशासन पहल करें एवं एक ट्रस्ट का निर्माण कराएं जिसमें रघुवर दास और सरयू राय के अलावा अन्य दल के नेताओं को भी शामिल किया जाए। जाहिर है अन्य दल से उनका मतलब झारखंड मुक्ति मोर्चा से है।

इस तरह पुरानी कथा दो बिल्लियों की लड़ाई में बंदर का फायदा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। जानकार लोगों का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं को यह जानकारी नहीं है कि सूर्य मंदिर कमेटी ट्रस्ट का गठन सालों पहले कराया जा चुका है।

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